Kohramlive : शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात…जब यूक्रेनी आसमान में तारे नहीं, ड्रोन और मिसाइलें चमक रहीं थीं। रूस ने इतिहास का सबसे बड़ा हवाई हमला कर दिया। 537 हथियार दागे गये, जिनमें 477 ड्रोन और 60 मिसाइलें शामिल थीं। 249 को यूक्रेनी वायुसेना ने मार गिराया, लेकिन 226 ने तबाही का नक्शा बदल दिया।
ड्रोहोबिच में आग, चेर्कासी में चीखें…
यूक्रेन के पश्चिमी शहर ड्रोहोबिच में ड्रोन हमला एक औद्योगिक इकाई को जला गया, शहर के कुछ हिस्से अंधेरे में डूब गये। चेर्कासी में एक बच्चा घायल और युद्ध के इस धुएं में एक एफ-16 पायलट की भी जान चली गई। तीसरा F-16 जेट, जो अब इस जंग का शिकार बना।
सुलह की उम्मीदों पर भारी पड़े धमाके
इस हमले से कुछ ही घंटे पहले पुतिन ने शांति वार्ता की बात की थी पर यूक्रेन को मिले थे बमों के जवाब, न कि समझौते की मेज। इस्तांबुल की बातचीत नतीजा नहीं दे सकी और अब दोनों देश ड्रोन युद्धों के नये दौर में कूद चुके हैं।जेलेंस्की की पुकार “हमें और सुरक्षा चाहिए…”। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा “मॉस्को तब तक नहीं रुकेगा जब तक उसके पास हमला करने की ताकत है।” “इस हफ्ते ही 1,270 ड्रोन, 114 मिसाइलें और 1,100 ग्लाइड बम बरसाये गये हैं।” उन्होंने पश्चिमी देशों से अधिक सहायता, विशेषकर हवाई सुरक्षा की मांग की।














