Chouparan(Krishna Paswan) : झारखंड के हर जिले खासकर राजधानी रांची की फिजा में आज कुछ खास था। ईद-उल-अजहा की सुबह जैसे जन्नत उतर आई हो, सात बजे के करीब जैसे सूरज भी सिर झुकाकर ईदगाह की दुआओं में शामिल हो गया हो। जहां हजारों हाथ एक साथ उठे, अमन, चैन और मुल्क की तरक्की के वास्ते। बच्चों की मासूम हंसी, नये कपड़े और हर चेहरे पर चमकता सुकून, जैसे इंसानियत ने आज एक बार फिर इबादत की हो।
हजारीबाग के चौपारण के कमलवार के इमाम मुमताज आलम की आवाज जैसे दिलों में उतरती गई, कुर्बानी जानवर की नहीं, आपकी नियत की होती है, अल्लाह तक गोश्त नहीं पहुंचता, पहुंचती है सिर्फ आपकी पाक नीयत।” और फिर लोग उठे, अपने अहंकार, लालच, हसद और गुस्से की कुर्बानी देने। कुर्बानी के गोश्त से पहले सेवइयों की मिठास बांटी गई, हर घर, हर गली, हर दिल में। गरीबों तक भी पहुंचा तबर्रुक और मोहब्बत की खुशबू पूरे चौपारण में फैल गई। इधर, आज राज्य में पुलिस प्रशासन भी चौकस रहा, ड्रोन से नजरें, अधिकारियों का भ्रमण, सब कुछ शांत, सब कुछ संयमित।जैसे खुद अल्लाह की निगहबानी में हो यह नगर।








