Chouparan(Krishna Paswan) : हजारीबाग के चौपारण के ब्लॉक मोड़ के पास गुरुवार की दोपहर एक सप्लायर जब मिठाई से लदा वाहन लेकर दुकानों की ओर बढ़ रहा था, तभी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने उसे रोका और गाड़ी से लाखों रुपये की मिठाइयां, कलाकंद, बर्फी, रसगुल्ला, मिल्क केक बरामद की। फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर प्रकाश गोगी ने कहा, “प्रथम दृष्टया सभी मिठाइयों में मिलावट की आशंका है। सैंपल लैब भेजे जा रहे हैं। जांच में दूध नहीं, मिलावट निकली तो कार्रवाई तय है।” मिठाई के डिब्बों पर ना कंपनी का नाम, ना लाइसेंस नंबर। मिठाइयों के इन डिब्बों पर अंकित ब्रांड एक और, सप्लायर कोई और कहानी साफ है, मिठास की आड़ में चल रहा था सेहत से धोखा।
SDO जोहान टुड्डू, CO संजय यादव और फूड इंस्पेक्टर की मौजूदगी में मिठाइयों को सियरकोनी जंगल में नष्ट किया गया। अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा, “अब हर होटल, दुकान की गहन जांच होगी। किसी को बख्शा नहीं जायेगा।” जब मीडिया ने सप्लायर प्रमोद से सस्ते मिठाइयों का राज पूछा, तो उसने जो जवाब दिया, उसने पूरे चौपारण की आत्मा को झकझोर दिया, “हम सूजी, मैदा, चीनी मिलाकर मिठाई बनाते हैं, इसीलिए सस्ता पड़ता है।” प्रिंस मिष्ठान, स्वीट एंड चार्ट भंडार जैसी कई दुकानों ने तुरंत शटर गिरा दिये।














