Bihar : बिहार के पूर्णिया का टेटगामा गांव, जहां कभी लोग मिल-जुलकर रहते थे, अब उस जमीन पर राख फैली है, दहशत पसरी है और हवाओं में क्रूरता की जलती हुई गंध है। एक ही परिवार के पांच सदस्य तीन महिलायें, दो पुरुष ज़िंदा जला दिये गये। गुनाह? बस इतना कि गांव वालों ने उन्हें ‘डायन’ मान लिया।
पांच ज़िंदगियों का खौफनाक अंत…
रविवार की रात, गांव के दर्जनों लोग एक परिवार पर टूट पड़े। पहले बेरहमी से पीटा, फिर जब वे बेसुध हो गये तो घर को आग के हवाले कर दिया। एक 16 साल का लड़का, जो इस नरसंहार में किसी चमत्कार से बच गया, ननिहाल पहुंचा और वहीं से खुला इस पाप का दरवाज़ा।
“वो चीख रहे थे, मगर गांव चुप था…”
घटना की जानकारी मिलते ही SP स्वीटी सहरावत, SDPO पंकज कुमार और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अब तक चार नामजद आरोपियों में से दो को गिरफ्तार किया जा चुका है। तांत्रिक समेत कई संदिग्धों से पूछताछ हो रही है।FSL, डॉग स्क्वॉड, पुलिस कैंप सब लगे हैं सच की राख से साक्ष्य निकालने में।







