Ranchi : लगातार फोन पर धमकी पर धमकी मिलने की वजह से बेड़ो के एक हस्ती का पूरा परिवार डरा-सहमा हुआ था। उनकी आंखों की नींद उड़ गई थी। कुछ नाते-रिश्तेदारों और परिवार के कहने पर रांची पुलिस कप्तान (SSP) किशोर कौशल से मिले। उन्हें अपना दुखड़ा बताया। इस शख्स को कुछ भी पता नहीं था कि उनसे 10 लाख रुपये रंगदारी मांगने वाला कौन है। उन्हें सिर्फ इतना पता था कि PLFI के नाम से रंगदारी मांगी गई है। एक पर्चा भी उनके यहां फेंका गया था।
PLFI के नाम का आतंक बेड़ो में पहले भी रहा है। वहीं पुलिस को भी यही चिंता सता रही थी कि अगर बेड़ो की इस हस्ती के साथ कोई अनहोनी हो गई तो आफत है। पुलिस कप्तान (SSP) ने इस शख्स के डर को खत्म कर देने को ठाना। रांची के रूरल SP मो. नौशाद आलम की देखरेख में एक स्पेशल टीम बनाई गई। वहीं रंगदारी मांगने को लेकर बीते साल 19 दिसम्बर को एक केस दर्ज किया गया।
गुजरे 15 दिनों में इस परिवार का सुकून चला गया। हर पल दहशत की साये में बीत रही थी। इसके बाद रंगदारों को रंगे-हाथ धर दबोचने का प्लान बनाया गया। इस शख्स का हौसला और हिम्मत बढ़ाई गई। उनसे कहा गया कि अबकी रंगदारी के लिये फोन आये तो कब, कहां और किसे देना है, यह पूरा तय कर लें। ठीक ऐसा ही किया गया। रंगदारों का फोन आया, रंगदारी देने को यह शख्स तैयार हो गये। उन्हें खूंटी के कर्रा थाना क्षेत्र के उरेकल मोड़ के पास बुलाया गया। इस शख्स को 1 लाख रुपये देकर वहां भेजा गया। वहीं उरेकल मोड़ के इधर-उधर झाड़ी में कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारी छुप गये।
वहां पहले से खड़े एक व्यक्ति को पैसा देने का फरमान PLFI की तरफ से हुआ। इस व्यक्ति को पैसा थमा दिया गया। कुछ देर बाद वहां एक पल्सर बाइक पर सवार एक युवक आया। पैसा लेने वाले व्यक्ति को अपनी बाइक पर बैठा कर उसे लापुंग की तरफ ले जाने लगा। पहले से अलर्ट पुलिस ने दोनों का पीछा करना शुरू किया। दोनों तेज रफ्तार में भागते रहे। पुलिस ने भी अपनी चाल तेज कर दी। आखिरकार लापुंग-बेड़ो रोड पर नेहालु रोड के पास इन्हें दबोच लिया गया। धराये लोगों में PLFI के पुराना अपराधी प्रेम प्रकाश बारला उर्फ शम्मी और साथी करमदेव तिर्की निकला। इन दोनों के राज उगलने के बाद इस कांड में शामिल विजय गोप और संजय कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। संजय चुटिया थाना क्षेत्र के कमरू तालाब के पास रहता है। PLFI के नाम का पर्चा उसने ही छापा था। इससे पहले रांची पुलिस ने टेक्निकल सेल की मदद से यह जान लिया था कि रंगदारी किस लोकेशन से मांगी जा रही है और नंबर का इस्तेमाल अभी कौन कर रहा है। सुनें क्या बोले रांची पुलिस कप्तान (SSP) किशोर कौशल…
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