Delhi : विधानसभा चुनाव(Election) में वोट झटकने के लिये नशा और नोट की बारिश हो रही है। चुनाव को प्रभावित करने की हर कोशिश पर अब केंद्रीय चुनाव आयोग की पैनी नजर है। इसी सख्ती का नतीजा है कि बीते 26 फरवरी से 22 अप्रैल के बीच कुल 1072.13 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है। इसमें, नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य सामग्री शामिल हैं। चुनाव आयोग का साफ संदेश है कि चुनाव हिंसा मुक्त, भय मुक्त और प्रलोभन मुक्त होना चाहिये। इसी के तहत सभी राज्यों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं।
Election Commission की पैनी नजर
चुनावी राज्यों में बड़े पैमाने पर निगरानी तंत्र तैनात किया गया है। पश्चिम बंगाल में 2728 एवं तमिलनाडु में 2283 उड़नदस्ते (Flying Squads) बनाये गये हैं। कुल 5011 टीमें काम कर रही है, वहीं, बंगाल में 3142 एवं तमिलनाडु में 2221 स्टेटिक सर्विलांस टीमें बनाई गई है। कुल 5363 टीमें तैनात हैं। वहीं, Election Seizure Management System (ESMS) भी सक्रिय किया गया। सीमावर्ती राज्यों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है, ताकि कहीं से भी अवैध सामग्री चुनाव को प्रभावित न कर सके।
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 27.48 करोड़ नकद, 102.45 करोड़ की शराब एवं 108.11 करोड़ के ड्रग्स। कुल: 472.89 करोड़ रुपये। वहीं, तमिलनाडु में 100.19 करोड़ नकद, 3.85 करोड़ की शराब, 76.72 करोड़ के ड्रग्स। कुल: 599.24 करोड़ रुपये। तमिलनाडु में नकदी की जब्ती ज्यादा हुई, वहीं, पश्चिम बंगाल में शराब और ड्रग्स की पकड़ ज्यादा हुई।






