Kohramlive : गुरुग्राम की तेज रफ्तार ज़िंदगी के बीच गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया। राज्य स्तरीय टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या की गई। और वो भी किसी और ने नहीं, उसके अपने पिता ने कर दी। सुशांत लोक-2 में रहने वाली 25 साल की राधिका कभी कोर्ट में अपने शॉट्स से लोगों का दिल जीतती थी। पदक उसके संघर्ष की पहचान थे। लेकिन कुछ महीने पहले आई एक चोट ने खेल से दूरी बना दी और फिर उसने अपना सपना पूरा करने के लिए एक टेनिस अकादमी शुरू की, ताकि बच्चों को वो सीखा सके जो उसने सालों मेहनत से सीखा था।
मगर यह सपना उसके पिता दीपक यादव को मंज़ूर नहीं था। गांव वालों की बातों ने उनके मन में जहर घोल दिया। “बेटी की कमाई खा रहा है”, यह ताने उन्हें खाये जा रहे थे। पिछले कुछ हफ्तों से घर में इसी बात को लेकर बहसें हो रही थीं। और गुरुवार की सुबह, जब बहस ने गुस्से की आग पकड़ी, दीपक ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर उठाई और बेटी की पीठ में तीन गोलियां उतार दीं। आनन फानन में घरवाले राधिका को अस्पताल ले गए, लेकिन ज़िंदगी ने साथ छोड़ दिया।
पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है, और रिवॉल्वर भी बरामद हो चुकी है। पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया है। एक बेटी जिसने सपनों की दुनिया बसाई थी, वो अब केवल एक अधूरी कहानी बनकर रह गई। और एक पिता… जो कभी उसका सबसे बड़ा सहारा था, अब उसी कहानी का सबसे बड़ा खलनायक बन चुका है।










