Ranchi : झारखंड में पंचायतों के कामकाज और विकास को ट्रैक करने वाला नया पैमाना पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI 2.0) अब जमीन पर असर दिखा रहा है। रांची के एक होटल में इस पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई, जहां पंचायतों की रैंकिंग, डेटा एंट्री और कामकाज पर फोकस रहा। पंचायत निदेशक राजेश्वरी बी ने कहा कि PAI का मकसद सतत विकास लक्ष्य (SDG) को पाना है। हर साल 2 थीम चुनकर उस पर फोकस करें, फिर अगले साल नई थीम पर काम करें। उन्होंने कहा कि पंचायतें अच्छा काम कर रही हैं, लेकिन डेटा पोर्टल पर चढ़ नहीं रहा, इसलिए पीछे रह जा रही हैं। DDC को निर्देश दिया गया कि पोर्टल पर एंट्री की सख्त मॉनिटरिंग करें।
राज्य स्तरीय आंकलन में टॉप 5 जिलों में लोहरदगा 59.37% के साथ प्रथम स्थान पर रहा। खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, धनबाद एवं जामताड़ा के अन्य पंचायतों ने भी अच्छा काम किया है, लेकिन बिना डेटा एंट्री के रैंकिंग में पिछड़ गईं। पंचायतों को डिजिटल टूल्स का साथ मिल रहा है। राज्य सरकार डिजिटल पंचायत प्रोग्राम पर तेजी से काम कर रही है। पंचायत भवनों को सशक्त किया जा रहा है। अब ट्रेनिंग पोर्टल भी लॉन्च हो चुका है। मुखिया प्रशिक्षण लेकर सीधे सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। कार्यशाला के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों, प्रखंडों और पंचायतों को सम्मानित किया गया। कार्यशाला में पंचायत निदेशक राजेश्वरी बी, अपर सचिव शैल प्रभा कुजूर एवं जिला परिषद अध्यक्ष, डीडीसी, पंचायत प्रतिनिधि और राज्य भर के अफसर मौजूद रहे।






