Kohramlive : सुंदरनगर की वो सुबह आम सी थी। पहाड़ियों से धूप ऐसे उतर रही थी जैसे मां की गोद में नींद। लेकिन उस दिन की दोपहर, मंडी जिले के एक घर की छांव को सूखा गई। नाबालिग बेटी, जो कंप्यूटर कोर्स के लिये घर से निकली थी सर्टिफिकेट लेकर शाम तक घर लौटी ही नहीं। मां ने रोटियां बेलते-बेलते घड़ी देखी थी। पिता ने दरवाजे की चौखट को बार-बार ताक कर देखा था। रात होते-होते हर दरवाजा खटखटाया गया, दोस्तों के घर, रिश्तेदारों के मोबाइल और फिर आखिर में… कंप्यूटर सेंटर। जवाब आया, “वो आज आई ही नहीं थी…” अगली सुबह मां की मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन बजा। व्हाट्सएप पर उनकी बेटी का नाम चमक रहा था। कांपते हाथों से मैसेज खोला और पढ़ते ही जैसे दिल का स्पंदन थम गया, “मम्मी-पापा सॉरी, मुझे मत ढूंढना। मैंने शादी कर ली है। अब मैं बहुत दूर चली गई हूं। मैं जहां भी हूं, खुश हूं।” घर की दीवारें सिसक उठीं। मां की चूड़ियां खामोश हो गईं। बाप की आंखें खाली। हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर के DSP भारत भूषण ने मीडिया से कहा कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। क्या एक नाबालिग लड़की को किसी ने फुसलाया, बहलाया और गुमराह किया? इस बिंदु पर पुलिस तहकीकात कर रही है। उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन और वो शख्स जिसकी परछाईं इस गुमशुदगी से जुड़ी है, उसके बारे में पता किया जा रहा है।
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