Kohramlive : नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ फूटा युवा आक्रोश अब खूनी आंदोलन में बदल गया है। सोमवार को काठमांडू समेत कई शहरों में हुये हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से ज्यादा घायल बताये जा रहे हैं। हालात बेकाबू होते देख सरकार को सेना बुलानी पड़ी और कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया। यहां याद दिला दें कि सरकार द्वारा फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स (ट्विटर) समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पाबंदी लगाये जाने के बाद से ही जनाक्रोश उबाल पर था। प्रदर्शन की कमान संभाली ‘जेन जी’ और ‘हामी नेपाल’ जैसे युवा संगठनों ने।
संसद घिरी, रबर बुलेट चली
हजारों युवा संसद भवन के बाहर जुटे। आंसू गैस, लाठीचार्ज और रबर की गोलियों से हालात काबू में लाने की कोशिश हुई, लेकिन कई जगह प्रदर्शनकारी संसद परिसर तक घुस गये। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़पें हुईं।न्यू बानेश्वर में गोली लगने से एक प्रदर्शनकारी की अस्पताल में मौत हो गई। कई घायल अब भी अज्ञात हैं।
काठमांडू, पोखरा, बुटवल में कर्फ्यू
काठमांडू जिला प्रशासन ने संसद क्षेत्र में दोपहर 12.30 से रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। वहीं, भैरहवा, बुटवल, पोखरा जैसे शहरों में भी कर्फ्यू लगाया गया है। सीमावर्ती हलचल को देखते हुए भारतीय सुरक्षाबलों ने भी सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रतिबंध “विनियमन” के लिये है, न कि सेंसरशिप के लिये। लेकिन जनता का मानना है कि यह सीधा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।










