spot_img
spot_img
spot_img

शारदीय नवरात्र 2021 : नव दुर्गा का शुभ सातवां रूप मां कालरात्रि (Video)

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

कोहराम लाइव डेस्‍क : शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्‍वरूप कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि का स्वरूप तेज और यश से परिपूर्ण है। मां कालरात्रि का स्वरूप बहुत भयंकर माना जाता है, लेकिन माता का हृदय पुष्प के समान कोमल है। मां बहुत दयालु हैं। मां कालरात्रि की उपासना शुभ फलदायी होने के कारण मां को शुभंकारी देवी के रूप में भी जाना जाता है। इनका रंग काला है और ये तीन नेत्रधारी हैं। मां कालरात्रि के गले में विद्युत् की अद्भुत माला है। इनके हाथों में खड्ग और कांटा है और इनका वाहन गधा है। ये भक्तों का हमेशा कल्याण करती हैं, इसलिए इन्हें शुभंकरी भी कहते हैं।

मान्यता के अनुसार मां कालरात्रि की पूजा से भक्त के जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती है। वहीं मां कालरात्रि को शनि की संचालक देवी भी माना जाता है, ऐसे में इनकी पूजा से शनिदेव भी शांत होते हैं।

कालरात्रि की पूजा विधि 

मां के समक्ष घी का दीपक जलाकर लाल फूल अर्पित करें, साथ ही गुड़ का भोग लगाएं। मां के मन्त्रों का जाप करें, या सप्तशती का पाठ करें। लगाए गए गुड़ का आधा भाग परिवार में बाटें और बाकी आधा गुड़ किसी ब्राह्मण को दान कर दें। श्वेत या लाल वस्त्र धारण करके रात्रि में माँ कालरात्रि की पूजा करें। 108 बार नवार्ण मंत्र पढ़ते जाएं और एक-एक लौंग चढाते जाएं। नवार्ण मंत्र है- ” ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे “।  उन 108 लौंग को इकठ्ठा करके अग्नि में डाल दें। आपके विरोधी और शत्रु शांत होंगे।

मां के कालरात्रि स्वरूप 

सप्तमी का दिन मां कालरात्रि को समर्पित होता है। ये मां दुर्गा का रौद्र रूप माना जाता है। मां कालरात्रि के नाम का अर्थ है ‘काल’ अर्थात समय, और ‘रात्रि’ का मतलब होता है रात। पुराणों के अनुसार मां पार्वती ने शुंभ और निशुंभ असुरों को मारने के लिए माता को स्वर्ण अवतार दिया था। उसी दिन से मां के इस स्वरूप को कालरात्रि के नाम से जाना जाने लगा। इन्हें शक्ति के एक और रूप देवी काली के नाम से भी जाना जाता है।

इसे भी पढ़ें : कलेक्‍टर के घर में जब नहीं मिला कुछ, तो चोर ने लिखा लेटर…

इसे भी पढ़ें : ढेबकी-नाटी से शादी करोगे …और युवक ने प्रे‍मिका को काट डाला

इसे भी पढ़ें : BREAKING : जेसीओ समेत सेना के 5 जवान शहीद

इसे भी पढ़ें : झारखंड हाइकोर्ट को मिले एक और जज, 7 जजों का ट्रांसफर, जानिये कौन कहां गये

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

भगवा रंग के कपड़े ही क्यों पहनते हैं साधु-संत, जानें रोचक कहानी…

Kohramlive : महाकुंभ (Mahakumbh 2025) में चारों तरफ साधु-संन्यासी...

लिफ्ट में क्यों लगा रहता है मिरर? वजह जानकर रह जायेंगे हैरान…

Kohramlive : मॉल, बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, ऑफिस और कई जगहों...

पिता की प्रॉपर्टी पर बेटी का कितना हक? क्या कहता है कानून… जानें

Kohramlive : आमतौर, ज्यादातर परिवार में देखा जाता है...

Aadhar Card का यहां हो सकता है बेजा इस्तेमाल

Kohramlive : जिंदगी का अहम हिस्सा बन गये आधार...

चंद रात की दुल्हन

Kohramlive : इंडोनेशिया के पहाड़ी क्षेत्र के एक गांव...