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देखिए, कैसे IPS अनीश गुप्‍ता ने 45 लाख के इनामी संदीप की मुंह में घुसेड़ दी थी पिस्‍टल

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26 जनवरी को नवाजे जाएंगे वीरता पुरस्‍कार से

रांची : चाईबासा के एक बड़े ग्राउंड में हो रहा था फुटबॉल मैच। 5 हजार लोगों की खचाखच थी भीड़। इसी भीड़ में शामिल एक नौजवान से इशारा मिलते ही भीड़ का सीना चीरते हुए गोलपोस्‍ट तक पहुंचे एक शख्‍स ने वहां पहले से मौजूद एक व्‍यक्ति की गर्दन पकड़ी। अचानक उस व्‍यक्ति ने गर्दन पकड़ने वाले शख्‍स के सीने में तान दी पिस्‍टल, तब बिना घबराए इस जाबांज शख्‍स ने अपनी कमर से पिस्‍टल निकाली और उसकी कनपट्टी पे सटा पलट दिया पासा। सामने वाला व्‍यक्ति भी कमजोर नहीं था। उसने अपने साथियों को आवाज दी और जोर से चिल्‍लाया मार डालो इसे। तब उसकी कनपट्टी से पिस्‍टल हटाकर उसके मुंह में घुसेड़ दिया। और सिर्फ इतना ही कहा “कोई भी इधर उधर करने की जुर्रत दिखाई तो ठोक देंगे इसे”। यह सुनते ही उसके सारे साथी वहां से भाग निकले। दबोचा गया व्‍यक्ति झारखंड का मोस्‍टवांटेड और 45 लाख का इनामी खूंखार माओवादी संदीप उर्फ मोतीलाल सोरेन था। झारखंड सरकार ने संदीप पर 25 लाख और उड़ीसा सरकार ने 20 लाख का इनाम रखा था। संदीप स्‍पेशल एरिया कमेटी मेंबर (सैक) था। जब उसे दबोचा गया तब उसके दस्‍ते के कई लोग ग्राउंड पर मौजूद थे। संदीप को दबोचने और दहाड़ने वाले शख्‍स थे आईपीएस अनीश गुप्‍ता। तब वह चाईबासा में एसपी हुआ करते थे। आज की तारीख में वे जैप वन डोरंडा में कमांडेंट हैं।

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धीर-गंभीर और हंसमुख अनीश गुप्‍ता की बहादुरी के ऐसे कई कारनामे हैं, जो झारखंड पुलिस फाइल में दर्ज हैं। 45 लाख के इनामी खतरनाक माओवादी संदीप को बिल्‍कुल अकेले अपने दम पर दबोच लेने के कारण उन्‍हें वीरता पुरस्‍कार से नवाजा गया है। 26 जनवरी को मोरहाबादी मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में राज्‍यपाल द्रौपदी मुर्मू उन्‍हें यह सम्‍मान देंगी। वीरता पुरस्‍कार जवान राजू सोय को भी मिलेगा, क्‍योंकि राजू सोय ने ही खूंखार माओवादी संदीप को पहचाना था और एसपी अनीश गुप्‍ता के तब संग-संग था। इस ऑपरेशन में चाईबासा के तत्‍कालीन एएसपी मनीष रमण, जवान दिनेश नायक की भी भूमिका सराहनीय थी। गिरफ्तार संदीप की निशानदेही पर कुंदरीजोर जंगल से छह शक्‍तिशाली जिंदा बम भी बरामद किए गए थे।

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