Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा सदर के SDO संजय कुमार बिना किसी सूचना के जब मझिआंव, कांडी और बरडीहा के दौरे पर निकले तो सरकारी दावों की हकीकत जैसे खुली किताब बन गई। जहां गरीबों के लिये थाली में गरम दाल और भात होना चाहिये था, वहां सन्नाटा था और कढ़ाई में बस कुछ ग्राम बेसन की कढ़ी। कांडी क्षेत्र में कई आवास योजनाओं की जांच के बाद SDO जब दाल-भात केंद्रों पर पहुंचे, तो नजारा चौंकाने वाला था। मझिआंव में केंद्र संचालिका गीता देवी के अनुसार उन्हें 9 क्विंटल राशन मिलता है, लेकिन मौके पर केवल 4 किलो चावल चढ़ा था और न एक भी ग्राहक नहीं था। बरडीहा में तो केंद्र पूरी तरह बंद मिला और विडंबना यह कि वह प्रखंड कार्यालय के गेट के ठीक सामने था। कांडी में भी हालात कुछ बेहतर नहीं, वहां चूल्हे की जगह छोटा इलेक्ट्रिक हीटर, बिना बर्तन, बिना अनाज, बिना ग्राहक, मानो व्यवस्था सिर्फ कागजों पर चल रही हो। SDO संजय कुमार ने मौके पर ही नाराजगी जताई और कहा गरीबों के लिये बनी योजना अगर मजाक बन जाये, तो शासन का भरोसा टूटता है। दोषी ठेकेदारों और संचालकों पर कार्रवाई तय है। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दाल-भात केंद्रों का विधिवत और नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसी दौरान कांडी के सरकारी अस्पताल परिसर में एक बिना नाम के अवैध क्लिनिक का भी खुलासा हुआ। पूछताछ में सामने आया कि उसे एक इंटर पास युवक चला रहा था। SDO ने तत्काल प्रभाव से उस क्लिनिक को सील करने का आदेश दिया।














