Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा में प्रसूता पुष्पा देवी की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। गुरुवार को सदर SDM संजय कुमार ने इस पूरे प्रकरण की जांच के तहत सदर अस्पताल और निजी क्षेत्र के मिलाप क्लीनिक में औचक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गये हैं। SDM ने बताया कि DC दिनेश कुमार के निर्देश पर की गई इस जांच में अस्पतालों के दस्तावेजों में हेराफेरी, महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने और जांच टीम को गुमराह करने के प्रयास के संकेत मिले हैं। प्रथम दृष्टया मामला चिकित्सा लापरवाही और साक्ष्य मिटाने जैसा प्रतीत हो रहा है।
दरअसल, मामला खरौंधी निवासी 26 वर्षीय गर्भवती महिला पुष्पा देवी की मौत से जुड़ा है। परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि सदर अस्पताल और कुछ निजी अस्पतालों के बीच अनैतिक गठजोड़ चल रहा है, जिसके तहत मरीजों को जानबूझकर निजी क्लीनिकों में रेफर किया जाता है। इल्जाम है कि इसी कारण पुष्पा देवी को समय पर सही इलाज नहीं मिल सका, जिससे उसकी मौत हो गई। जांच के दौरान सदर अस्पताल में प्रबंधक विकास केसरी, डॉ. पूजा कुमारी, डॉ. नौशाद आलम समेत संबंधित कर्मी मौजूद थे, जबकि मिलाप क्लीनिक में संचालक यूसुफ अंसारी, डॉ. असजद अंसारी और लैब टेक्नीशियन मुनीफ अंसारी उपस्थित पाये गये। SDM संजय कुमार ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुये मेडिकल और तकनीकी विशेषज्ञों की एक विशेष टीम गठित की जा रही है। सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किये जायेंगे और दोषी पाये जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सदर और निजी अस्पतालों के बीच मरीजों की कथित खरीद-फरोख्त का खेल अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जायेगी।




