Ranchi : एक शांत सुबह, जब रांची की गलियों में सूरज अपनी पहली किरणें बिखेर रहा था, तब एक मासूम छात्रा जो स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, सिरमटोली फ्लाईओवर के पास से उसके अपहरण की खबर ने पूरे शहर की रूह हिला दी। लेकिन कहानी में ट्विस्ट था, और हीरो भी।
रामगढ़ के कुजू इलाके में जब पुलिस की गाड़ियों की आवाजें गूंजने लगीं, तो डर के मारे अपहरणकर्ता लड़की को चलती कार से सड़क पर फेंककर भाग खड़े हुये। उस मासूम को सकुशल पाकर जैसे पूरी टीम में जान आ गई।
इस रेस में सबसे आगे थे मांडू थानेदार सदानंद। जैसे किसी फिल्मी सीन में होता है, उन्होंने 150 की रफ्तार से भागती कार का पीछा किया, पिस्तौल तानी— लेकिन गोली नहीं चलाई। क्यों? क्योंकि कार की पिछली सीट पर थी बंधक बनी वो बच्ची… जिसे वे किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं पहुंचने देना चाहते थे। आख़िरकार, पुलिस के दबाव और बहादुरी के आगे अपराधी घबरा गये। बच्ची को फेंका और भाग खड़े हुये। SSP चंदन कुमार सिन्हा ने पुष्टि की है, बच्ची सुरक्षित है। और अपराधियों की तलाश जारी है।








