Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में आज एक आवाज़ गूंज उठी — ये आवाज थी उस हर मां-बाप कि जो अपने बच्चों की स्कूल की फीस की रसीद देखकर आसमान सिर पर ले आता है। झारखंड अभिभावक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने आज राज्य सरकार से हाथ जोड़कर अपील की है कि “बस अब और नहीं… शिक्षा के नाम पर वसूली बंद हो” अजय ने कहा कि “झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017”, जो 2019 से लागू है, वह केवल कागजों तक सीमित है। ना राज्य स्तरीय और ना ही जिला स्तरीय फीस नियंत्रण समिति बनी है, और इस खामोशी का फायदा निजी स्कूल उठा रहे हैं — फीस बढ़ा-बढ़ाकर अभिभावकों का बजट तोड़ रहे हैं। अजय राय ने राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन और रांची के DC को मांग पत्र सौंपते हुये कहा कि “जब तक कमेटी नहीं बनती, तब तक सिर्फ शैक्षणिक शुल्क ही लिया जाये। बाकी सभी अतिरिक्त शुल्कों पर तुरंत रोक लगाई जाये। स्कूल में प्रवेश शुल्क, स्टेशनरी शुल्क, खेलकूद शुल्क, लैब शुल्क, कंप्यूटर, रखरखाव, एक्स्ट्रा एक्टिविटी… और न जाने क्या-क्या नाम पर मोटी शुल्क वसूली जा रही है। उन्होंने आग्रह किया कि हर स्कूल में फीस समिति बने, वहीं हर ज़िले में निगरानी समिति बने। विद्यालय वेबसाइट पर पूरी जानकारी दी जाये। शुल्क निर्धारण में हो पारदर्शिता। अजय राय ने कहा कि “ये सिर्फ फीस नहीं… ये हर मां-बाप की उम्मीदों का हिसाब है। अगर सरकार साथ दे, तो हर बच्चा उड़ सकेगा सपनों की ऊंचाई तक… बग़ैर बोझ के।”
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