Kohramlive : सूर्य ग्रहण आगामी शनिवार यानी 14 अक्टूबर को देखने को मिलेगा। आसमान में उस रोज दुर्लभ नजारा देखने को मिलेगा। इस खगोलीय वाक्या को ‘रिंग ऑफ फायर’ का नाम दिया गया है। यह अमेरिका के अधिकतर हिस्सों में दिखाई देगा। साल 2012 के बाद पहली बार इसे अमेरिका में देखा जायेगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना तब होती है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच गति करता है। सूर्य को आंशिक रूप से छुपाता है, जिससे एक चमकदार रिंग का फॉर्मेशन हो जाता है। इस ग्रहण को ‘रिंग ऑफ फायर’ भी कहा जाता है। वलयाकार सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को देखने के लिए डिज़ाइन की गई स्पेशल आई प्रोटेक्शन के बिना सूर्य को सीधे देखना घातक है।
भारतीय नहीं देख सकेंगे सूर्य ग्रहण
14 अक्टूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। पश्चिमी गोलार्ध के लोग इस ग्रहण को देख सकेंगे। Timeanddate.com के मुताबिक, यह अमेरिका के ओरेगॉन से टेक्सास तक जाने वाले एक संकरे रास्ते पर दिखाई देगा। इसके बाद यह मेक्सिको के युकाटन प्रायद्वीप, बेलीज, होंडुरास, ग्वाटेमाला, निकारागुआ, कोस्टा रिका, पनामा, कोलंबिया और ब्राजील के कुछ हिस्सों में दिखेगा।
ग्रहण पूरा क्यों नहीं होता
गौर देने की बात यह है कि हर ग्रहण पूरा नहीं हो सकता। पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की कक्षा पूरी तरह गोल नहीं है और ग्रह से इसकी दूरी लगभग 356,500 किमी से 406,700 किमी तक है। इस अंतर के कारण आकाश में चंद्रमा के स्पष्ट आकार में लगभग 13 प्रतिशत का उतार-चढ़ाव होता है।
सूर्य ग्रहण कब देखें?
नासा के मुताबिक, सूर्य ग्रहण एक स्थान पर शुरू होता है और दूसरे स्थान पर समाप्त होता है। यह अमेरिका के ओरेगन (Oregon) में सुबह 9 बजकर 13 बजे शुरू होगा और टेक्सास में दोपहर 12 बजकर 3 मिनट पर समाप्त होगा।
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