Kohramlive : राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यशाला में राज्य के 28 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को करीब 3 करोड़ रुपये की सहायता राशि DBT के माध्यम से हस्तांतरित की। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ और किसानों के विकास का एक नया संकल्प भी जगमगा उठा। मंत्री ने कहा कि यह राशि सिर्फ अनुदान नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में बदलाव की एक मजबूत कड़ी है। उन्होंने FPO से आह्वान किया कि वे लीडर की भूमिका निभायें। नई तकनीक अपनाने में किसानों का मार्गदर्शन करें। सही फसल चयन की दिशा दिखायें, आधुनिक खेती से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने में सहयोग करें। सरकार की योजनाओं से जुड़कर ही प्रगतिशील किसानों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। मंत्री ने कृषि निदेशक को निर्देश देते हुये कहा कि सहायता योजनाओं की सूची वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाये, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। वहीं, सफल किसानों की प्रेरक कहानियां भी साझा करने पर जोर दिया, जिससे दूसरे किसानों को नई दिशा मिल सके।
विमला देवी की सफलता बनी प्रेरणा
कार्यशाला में इटकी प्रखंड के ठाकुरगांव की विमला देवी का विशेष उल्लेख हुआ। मंत्री ने बताया कि एक छोटी शुरुआत से उन्होंने आज 80 हजार लीटर तक दुग्ध कलेक्शन का मुकाम हासिल किया है—जो राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय है। ऐसी कहानियां किसानों के बीच नई ऊर्जा भरती हैं। मंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 50 प्रतिशत रोजगार कृषि से जुड़ा है। यह आंकड़ा बताता है कि खेती सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार और व्यवसाय का आधार भी है। इस अवसर पर डॉ. एससी दुबे, भोर सिंह यादव, आरएस भागवानी, संतोष कुमार सिन्हा सहित कई अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।














