Kohramlive : 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से प्रधानमंत्री का यह लगातार 13वां संबोधन रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75 मिनट का संबोधन जितना चर्चा में रहा, उससे कहीं ज़्यादा लोगों के दिलों को एक छोटा-सा मानवीय पल छू गया। भाषण खत्म होने के बाद स्कूली बच्चों से मुलाकात के दौरान एक बच्ची की टोपी गिर गई, जिसे PM मोदी ने खुद उठाकर उसके सिर पर पहनाया। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे।
बच्चों के बीच रुके, हाथ मिलाया… फिर हुआ यादगार पल
संबोधन के बाद जैसे ही प्रधानमंत्री आगे बढ़े, तिरंगे के रंगों में सजे स्कूली बच्चे उनकी ओर दौड़ पड़े। पीएम ने रुककर बच्चों से हाथ मिलाया और उनका अभिवादन स्वीकार किया। इसी दौरान एक बच्ची ने उनके पैर छुये, जिससे उसके सिर की टोपी नीचे गिर गई। प्रधानमंत्री ने तुरंत झुककर टोपी उठाई और मुस्कुराते हुये उसे फिर से पहनाया।
इस बार समारोह क्यों रहा ऐतिहासिक?
लाल किले पर इस वर्ष पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। देश इसके 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। पीएम मोदी ने इसे भारत की आज़ादी की भावना और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा।
भाषण की 5 बड़ी बातें
1 करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण देने का ऐलान
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
विकसित भारत के लिये ‘सप्तधारा’ विज़न पेश किया
2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
5–15 वर्ष के बच्चों के लिये राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज अभियान
Moment Of The Day ❤️🔥
PM के पैर छूते समय बच्चे की टोपी गिर गई
मोदी जी ने नीचे से ख़ुद उठाकर पहनाईबच्चे ने अपने संस्कार निभाये, मोदी ने अपनी विनम्रता
दोनों के व्यवहार से लाल क़िले की शोभा बढ़ गई pic.twitter.com/WvoX4y8UcI
— Hardik Bhavsar (@Bitt2DA) August 15, 2026















