खूंटी : रनिया थाना अंतर्गत मेरोमबीर के जंगल में पीएलएफआई के एरिया कमांडर जोहन तोपनो अपने दस्ते के सदस्यों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। जिसकी सूचना एसपी आशुतोष शेखर को मिली। उग्रवादियों की धर-पकड़ के लिए एसपी ने तुरंत एक टीम का गठन किया। जिसकी कमान एएसपी अभियान रमेश कुमार और डीएसपी ओमप्रकाश तिवारी को सौंपी गई। दोनों अधिकारियों के नेतृत्व सीआरपीएफ 94 के जवानों ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। पुलिस को देखते ही उग्रवादी घने जंगल का लाभ उठाकर मौके से भाग निकले। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को पीएलएफआई का अस्थायी कैंप मिला। जिसमें काफी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री के अलावे तीन बाइक, गोली समेत कई सामान मिले। पुलिस ने कैंप को ध्वस्त कर दिया।
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एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि जोहन इलाके का कुख्यात नक्सली है, जिसकी तलाश लंबे समय से पुलिस को है। दिसंबर को हुए मुठभेड़ में जोहन पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। जबकि सबजोनल कमांडर जिदन गुड़िया उस मुठभेड़ में मारा गया था। उन्होंने कहा कि जल्द ही जोहन मारा जाएगा या पुलिस की गिरफ्त में होगा।
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बरामद सामानों की सूची
पुलिस ने सर्च अभियान के दौरान एसएलआर का एक जिंदा कारतूस, मिस फायर की दो गोली, तीन बाइक, संगठन का 50 पीस पर्चा, 70 पीस लेवी रशीद, नक्सली साहित्य, दो मोबाइल, तीन पिट्ठू, खाद्य सामग्री, दरी दो पीस, कंबल चार पीस, छह जोड़ा जूता, तीन जोड़ा चप्पल, बर्तन, प्लास्टिक बोरा समेत कई सामग्रियां बरामद हुआ है।
छापेमारी में ये रहे शामिल
सर्च अभियान के दौरान एएसपी अभियान रमेश कुमार, डीएसपी ओमप्रकाश तिवारी, सीआरपीएफ 94 बटालियन के सहायक समादेष्टा गोपाल सिंह, इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह, तोरपा थानेदार अरविंद कुमार, रनिया थानेदार रौशन कुमार, समेत तोरपा सैट सशत्र जिला बल और सीआरपीएफ 94 बटालियन के जवान शामिल थे।






