Garhwa(Nityanand Dubey) : जिस सभागार की दीवारें आमतौर पर सरकारी फाइलों की गूंज से गूंजती हैं, आज वहां फरियाद की मासूम आवाजें थीं, उम्मीद की झलकें थीं और उन चेहरों पर दर्ज था सरकार से उम्मीद रखने का साहस। गढ़वा के DC शेखर जमुआर आज जनता दरबार में जब पहुंचे तो न कोई लाव-लश्कर, न कोई औपचारिकता। सीधे लोगों के बीच, एक-एक कर उन समस्याओं को सुना जिन्हें अक्सर सिसकियों में दबा दिया जाता है। राशन हो या आवास, जमीन हो या मजदूरी, हर दर्द को मिला मंच। लगभग 20 शिकायतें, हर शिकायत में एक कहानी… एक संघर्ष।
रंका प्रखंड, चुटिया पंचायत से विनोद राम का दर्द झलका, साहब, दो साल से आवेदन दिये हैं अबुआ आवास के लिये, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला। बगल की चुप खड़ी भीड़ में कुछ सिर सहमति में हिले। विनोद की आवाज में शिकायत से ज्यादा अपनों की बराबरी की ख्वाहिश थी। DC ने संबंधित अधिकारी को तत्काल जांच का निर्देश दिया। गढ़वा ब्लॉक से आई मीरा देवी ने कहा कि मेरी जमीन का आदेश पहले ही दे चुके हैं साहब, लेकिन अंचल ऑफिस में फाइल अब तक धूल फांक रही है। मीरा की आवाज में थकावट थी, लेकिन आंखों में अपनी जमीन को दोबारा देखने की उम्मीद आज भी जिन्दा थी। DC ने दोबारा अंचल अधिकारी को अविलंब कार्रवाई का निर्देश दिया।
ग्राम खजूरी से आये सीताराम पासवान ने कहा कि साहब, मेरी जमीन पर सुनील यादव जबरन कब्जा कर लिये हैं, हम खेती करते थे, अब देख रहे हैं।” सीताराम की आवाज में क्रोध नहीं, बेबसी थी। वो जमीन सिर्फ खेत नहीं थी, बल्कि उनके परिवार की रसोई थी। DC शेखर जमुआर ने मामले की विधिवत जांच और कब्जा हटाने का आदेश जारी किया। रमना प्रखंड, ग्राम करचा से आई तंमयी देवी बोली, मकान सड़क में चला गया है, बेटा बीमार था इसलिये बाहर गई थी, अब मकान खाली करने का नोटिस मिला है। मुआवजा भी नहीं मिला। उनकी आंखों में आंसू नहीं थे, पर थक चुके हौंसले ज़ुबान बनकर सामने आये। DC ने एक माह की मोहलत देने और मुआवजा प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया। DC शेखर जमुआर ने न सिर्फ समस्याएं सुनीं, बल्कि हर फरियादी को यह भरोसा भी दिया कि “सरकार है, और वो आपके साथ है।”








