Kohramlive : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब खुली सैन्य टकराव की स्थिति तक पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ के तहत काबुल और कंधार समेत कई ठिकानों पर हवाई हमले किये, जबकि अफगानिस्तान ने भी सीमा क्षेत्रों में जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। दोनों देशों की ओर से हताहतों को लेकर अलग-अलग दावे किये जा रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान ने बीती रात अफगानिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें काबुल और कंधार शामिल बताये जा रहे हैं। पाकिस्तान का दावा है कि ऑपरेशन में बड़ी संख्या में तालिबान लड़ाके मारे गये, जबकि अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तानी ठिकानों पर हमलों की बात कही है। तनाव के बीच भारत ने पाकिस्तान की कार्रवाई की निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नागरिकों की मौत की खबरें चिंताजनक हैं और भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के समर्थन में खड़ा है। उन्होंने इसे पाकिस्तान की “आंतरिक विफलताओं को छिपाने की कोशिश” बताया।
संयुक्त राष्ट्र की शांति अपील
बढ़ते संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार अधिकारियों ने दोनों देशों से संयम बरतने और संवाद बहाल करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने कहा कि हिंसा के बजाय राजनीतिक संवाद ही समाधान का रास्ता है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिये। अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने कहा कि हालिया कार्रवाई देश की संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई। उन्होंने कतर के अधिकारियों से बातचीत में स्पष्ट किया कि “अफगानिस्तान ने केवल हमलों का जवाब दिया है।” वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिये सेना हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है। उन्होंने सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व में सुरक्षा बलों की तैयारी और क्षमता पर भरोसा जताया। तोरखम सीमा के पास मोर्टार हमलों की खबरों से आम नागरिकों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक रातभर गोलाबारी से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते नजर आए। कुछ लोगों के घायल होने और कई बच्चों के लापता होने की भी खबरें सामने आई हैं।










