Ormanjhi(Kuldeep/Amitabh) : सरहुल पूजा इस साल भी पूरे भक्ति भाव और उमंग के साथ मनाई गई। आदिवासी समुदाय ने अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस पर्व को धूमधाम से मनाया, जिसमें ढोल नगाड़े की थाप पर लोग थिरकते रहे और प्रकृति को संरक्षण देने का संकल्प लिया गया। आदिवासी सरहुल पूजा समिति ‘आनंदी’ द्वारा आयोजित इस पावन अवसर पर सरना स्थल पूजा और मेला का आयोजन किया गया, जिसमें पूजा विधि-विधान से संपन्न की गई। पूजा में पाहन राजदीप और पहान राजेश ने सखुआ वृक्ष के नीचे सरना मां की पूजा अर्चना की और राज्यवासियों की खुशहाली की कामना की।
आदिवासी समाज की इस परंपरागत पूजा में क्षेत्र के सभी पहान पुजारियों ने विधिपूर्वक पूजा की और मिट्टी के घड़े में रखे पानी को देखकर आगामी मौसम का पूर्वानुमान किया। पहान पुजारियों ने इस बार अच्छी बारिश की भविष्यवाणी की, जो आदिवासी समाज के लिए एक शुभ संकेत माना गया। पूर्व विधायक रामकुमार पाहन ने अपने संबोधन में कहा कि यह पर्व जीवन जीने की कला सिखाता है और पर्यावरण के महत्व को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे और पर्यावरण जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, और यह प्राकृतिक पूजा सदियों से हमें यह संदेश देती आ रही है। इस अवसर पर आनंदी कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पंचायत के मुखिया पार्वती देवी, पंचायत समिति सदस्य शशी मिश्रा, कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव शिव प्रसाद साहू, बारीडीह पंचायत उपमुखिया बनवारी साहू, शैलेन्द्र मिश्र, राजेंद्र साही, राजेश गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। समिति के मुख्य संरक्षक नन्दकिशोर मुण्डा, चान्द बाबू मुण्डा, धनु मुण्डा, राजीव रंजन मुण्डा, और अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने इस पर्व के आयोजन को सफल बनाने में मदद की।








