Ranchi/Palamu : भाकपा माओवादी संगठन में अब दम नहीं रहा। संगठन में अब कुछ है तो वह है शोषण। इसी शोषण के कारण संगठन से मोह भंग हो गया। यहां टॉप लीडर ऐशो-आराम की जिंदगी जीते हैं। लेवी के पैसों पर भी कुंडली मारे बैठे रहते हैं। छोटे कमांडर या दस्ता सदस्यों की हालत बहुत खराब है। उनके घरवालों तक के लिए संगठन कोई मदद नहीं करता। संगठन अब अपने मकसद से भटक चुका है। उसका मकसद सिर्फ लेवी वसूलना रह गया है। यह कहना है आज सरेंडर कर चुके दो खूंखार माओवादियों संतु भुइयां और राजेश ठाकुर का। दोनों ने आज पलामू पुलिस के सामने हथियार डाल दिये। संगठन में संतु भुइयां उर्फ संतोष भुइयां का ओहदा सबजोनल कमांडर का और राजेश ठाकुर का ओहदा कमांडर का था।
सरेंडर करने के बाद दोनों ने मीडिया को बताया कि कई बार आत्मसमर्पण करने का ख्याल मन में आया, पर डर लगता था। एक बार घर वालों से संपर्क किये तो पता चला कि पलामू पुलिस घर पर आई थी। झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति के बारे में बता गई। पहले तो यकीन नहीं हुआ कि सरेंडर करने पर सरकार इतना फायदा देगी। इसी बीच किसी ने कहा कि पलामू के पुलिस कप्तान बढ़िया साहेब हैं। एक बार मिलो, जरूर मदद करेंगे। इसके बाद पलामू एसपी चंदन सिन्हा से संपर्क किये। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिस लाभ के वे हकदार हैं, उन्हें जरूर दिलवाएंगे। साथ ही बोले कि परिवार का भी भला होगा। संगठन के शीर्ष नेता यह बोल डराते रहे कि सरेंडर करने जाओगे तो पुलिस झूठा एनकाउंटर दिखा कर ठोक देगी। पर एसपी साहेब से बात करने पर भरोसा हो गया कि पुलिस का रवैया बदल चुका है। वह सही में सरेंडर कराना चाहती है। इसके बाद दोनों ने आज सरेंडर कर दिया।

संतु भुइयां एक बार पहले भी छोड़ चुका था पार्टी
दो बेटों का बाप 32 साल के संतु भुइयां उर्फ संतोष भुइयां उर्फ धनंजय भुइयां के खिलाफ पुलिस फाइल में कुल 25 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, रंगदारी, यूपीए और सीएलए एक्ट जैसे कई संगीन मामले शामिल हैं। उसकी मुड़ी पर सरकार ने 5 लाख का इनाम भी रखा है। संतु ने मीडिया को बताया कि वह साल 2004 में संगठन से जुड़ा था। अनुराग ने पार्टी में शामिल किया था। पार्टी वाले गांव में आये थे। बोले- पांच लड़के संगठन के लिए चाहिए। चाचा बुधाई भुइयां कम्युनिस्ट पार्टी के नेता थे। उनके कहने पर भोला भुइयां के साथ पार्टी में शामिल हो गये। पार्टी में कुछ सही नहीं लगा तो सबकुछ छोड़-छाड़ कर वापस घर आ गये। श्याम बिहारी सिंह के खेत में बटाई कर खेती-बारी करने लगे। सबकुछ ठीक चलने लगा कि पार्टी वाले वापस से पहुंच गये। बोले- पार्टी में शामिल हो वरना खेत जोतने ही नहीं देंगे। इसके बाद फिर पार्टी में चले गये। संतु ने बताया कि टॉप लीडर मौज कर रहे हैं। सब मतलबी हो गये हैं। बड़े-बड़े शहरों में उनके अलीशान मकान हैं। वहीं, उनके बच्चे भी अच्छे महंगे स्कूलों में पढ़ते हैं। छोटे स्तर के लोगों को सिर्फ शोषण हो रहा।

कैंसर के जूझ रही बीवी के इलाज के लिए ज्वॉइन किया था पार्टी
इधर, 26 साल का नक्सली कमांडर राजेश ठाकुर एक 12 साल की बेटी का बाप है। उसके खिलाफ पुलिस फाइल में 6 मामले दर्ज हैं। इनमें अटेम्प्ट मर्डर, लूट, रंगदारी, यूपीए, सीएलए और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन मामले शामिल हैं। राजेश ने मीडिया को बताया कि उसकी बीवी को कैंसर था। इलाज के लिए पैसे नहीं थे। उसी दरम्यान राकेश भुइयां का गांव में आना-जाना लगा रहता था। वह लोगों को पार्टी में शामिल होने के लिए कई तरह के लोभ-लालच दिया करता था। मुझसे बोला कि पार्टी में शामिल हो जा, सब दुख-दर्द दूर कर देंगे। बीवी की इलाज भी बढ़िया अस्पताल में हो जाएगा। लालच में आकर पार् से जुड़ गया। जब कभी पैसा मांगते तो टरका देते। दिन बीता और बीवी इलाज के बिना तड़प-तड़प कर मर गई। पार्टी से मन टूटने लगा। निकलना चाहा तो डराने-हड़काने लगे कि मारे जाओगे। पार् के बड़े नेता मालामाल हैं। हमलोग कोई पैसा मांगते तो क्रांति का पाठ पढ़ा टाल देते। मौका खोज रहा था बाहर निकलने का। इसी बीच पलामू एसपी से संपर्क किये। उनके भरोसा दिलाया और सरेंडर कर दिया।

चकरबंधा और बूढ़ापहाड़ इलाके में था दोनों का आतंक
पलामू पुलिस कप्तान चंदन कुमार झा ने मीडिया को बताया कि राजेश ठाकुर का आतंक चकरबंधा और संतु भुइयां का खौफ बूढ़ापहाड़ इलाके में था। राजेश काफी इंटेलिजेंट है। वह पलामू के नवाबाजार थाना इलाके के तुकबेरा का रहने वाला है। वहीं, शांत दिखने वाला संतु भुइयां बेहद खतरनाक माओवादी है। वह पलामू के ही नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के करकट्टा टोला सिरयभुक्का का रहने वाला है। दोनों के सरेंडर करने से निश्चित तौर पर माओवादियों की ताकत कम होगी और पलामू जिला अच्छी स्थिति में आ जाएगा।
इनके सामने डाला हथियार
सबजोनल कमांडर संतु भुइयां उर्फ संतोष भुइयां और कमांडर राजेश ठाकुर ने पलामू रेंज के डीआईजी राजकुमार लकड़ा, डीसी आंजेनयूलू डोडे, पलामू पुलिस कप्तान चंदन कुमार सिन्हा, गढ़वा पुलिस कप्तान अंजनी कुमार झा, सीआरपीएफ 134 बटालियन कमांडेंट सुदेश कुमार, डिप्टी कमांडेंट यूआर रामेश्वरम, दिपेंद्र कुमार, विक्रांत वर्मा, विश्रामपुर एसडीपीओ सुरजीत सिंह, मेदिनीनगर सदर एसडीपीओ ऋषभ गर्ग और स्पेशल ब्रांच के प्रभारी डीएसपी श्याम बिहारी मांझी के सामने हथियार डाला।
इसे भी पढ़ें : पेट्रोल-डीजल के रेट पर बड़ी खबर, केंद्र ने बढ़ाया टैक्स
इसे भी पढ़ें : झारखंड के 11 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट …देखें
इसे भी पढ़ें : असम में JMM का दम, CM हेमंत ने जताया आभार… जानें
इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में मुकाबला दिलचस्प, ममता से आगे निकले सुवेंदु, अंतर… जानें
इसे भी पढ़ें : तपती धरती पर सरकार का अलर्ट, CM ने दिया ये आदेश…
इसे भी पढ़ें : एक बाल्टी पानी को लेकर मा’रधाड़…
इसे भी पढ़ें : बाघमारा CHC में नवजात की मौ’त पर बवाल…






