MAHARASTRA : कोरोना महामारी के संकट के बीच भय से इंसानियत का तार-तार होना दुखदायक है। ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र के पुणे शहर में देखने को मिला। यहां मां के शव के पास दो दिनों तक उनका डेढ़ साल का बच्चा बिलखता रहा, लेकिन संक्रमण और बीमारी के डर से कोई भी उसके पास नहीं गया। किसी ने मदद नहीं की। बाद में पुलिस पहुंची और दो महिला कांस्टेबलों ने नन्हें शिशु की मां की ज़िम्मेदारी निभाई। पुलिस के अनुसार, महिला की मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं है। जांच के बाद पता चलेगा। फिलहाल उसका पति यूपी गया है। उसके आने का इंतजार है।
Read More : #BJP विधायक के साले को अपराधियों ने गोलियों से भूना
बच्चे का कोविड टेस्ट निगेटिव
वास्तव में आस-पड़ोस के लोगों के बीच मृतक महिला को लेकर आशंका थी कि उनकी मौत कोरोना से हुई है। हालांकि अब तक यह साफ़ नहीं है। बच्चे का कोविड टेस्ट भी निगेटिव है। वक़्त के सितम से अनजान नन्हा बच्चा मृत मां के शव के पास बैठा रहा लेकिन बगल में बैठे डेढ़ साल के मासूमकी पड़ोसियों ने तब तक सुध नहीं ली जब तक इस घर से आ रही बदबू ने परेशान नहीं किया।
Read More :#DGP नीरज सिन्हा ने दी कोरोना को मात, अस्पताल से मिली छुट्टी
मकान मालिक की सूचना पर पहुंची पुलिस
मकान मालिक के कॉल पर पुलिस पहुंची और बच्चे को गोद में उठाया। पिंपरी चिंचवड़ पुलिस की महिला कांस्टेबल सुशीला गभाले और रेखा वज़े ने मां की ज़िम्मेदारी खुद निभाई। मृत महिला का शव सोमवार को मिला लेकिन पुलिस को शक है कि मौत दो दिन पहले हुई है। डेढ़ साल के बच्चे को क़रीब दो दिन से भूखा-प्यासा बताया गया।
Read More :BREAKING : इंडिया के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी का कोरोना से निधन
बच्चा अभी बाल शिशु गृह में है
पिंपरी चिंचवड़ पुलिसकी कांस्टेबल सुशीला गभाले कहती हैं, ‘मेरे भी दो बच्चे हैं। एक आठ, एक छह साल का। ये अपना बच्चा जैसा लगा, जब मैं उसको चम्मच से दूध पिला रही थी तब वो बहुत जल्दी-जल्दी पी रहा था, भूखा था। ”एक अन्य कांस्टेबल रेखा वज़े ने बताया, ‘’बच्चे को थोड़ा बुख़ार था। हमने जब डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने बताया इसको अच्छे से खिलाओ-पिलाओ। बाक़ी सब ठीक है। बच्चे को दूध पिलाने के बाद बिस्किट खिलाया। फिर बच्चे को हम कोरोना टेस्ट के लिए सरकारी अस्पताल लेकर गए, बच्चा अभी बाल शिशु गृह में है।
Read More :BREAKING : दिल्ली के LG अनिल बैजल हुए कोरोना पाजिटिव, खुद को किया होम आइसोलेट












