कोहराम लाइव डेस्क : हम जानते हैं देश के नेशनल हाईवेज पर फास्टैग कर प्रयोग अनिवार्य किया जा चुका है। वर्तमान में टोल नाकों पर FASTag के माध्यम से 95 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया जा रहा है। सरकार डिजिटल टोल कलेक्शन (Digital Toll Collection) के जरिये टोल प्लाजा पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करना चाहती है। इसमें एक हद तक सफलता भी मिल रही है। यह भी सोचा जा रहा है कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से अब ट्रफिक के पोजिशन को लाइव किया जाएगा।
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रियल टाइम ऑनलाइन ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम का एप लांच
यह सिस्टम डेवलप किया जा रहा है कि नेशनल हाईवे पर किस टोल प्लाजा पर कितना ट्रैफिक जाम लगा है, इस हिसाब से रूट और प्लान कोा बदला जा सके। इसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने पही मार्च को एक रियल टाइम ऑनलाइन ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम का एप लांच किया है। इस ऐप पर टोल नाकों पर मिनट टु मिनट अपडेट मिलता रहेगा।
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जाम लगने पर फ्री किया जाएगा फास्टैग
केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय इस बात पर भी विचार कर रहा है कि किसी टोल प्लाजा की FASTags लेन पर अगर ट्रैफिक एक तय समय से ज्यादा हो जाता है, तो उसे फ्री कर दिया जाएगा। इसके लिए तीन कलर कोड सिस्टम होगा। जैसे ग्रीन, येलो और रेड। जैसे ही किसी टोल प्लाजा पर ट्रैफिक रेड लाइन को पार करेगा, टोल प्लाजा को फ्री करके ट्रैफिक खोल दिया जाएगा। अभी इसका पायलट प्रोजेक्ट के रूप में टेस्ट हो रहा है।






