Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा की अदालत ने उस खून के धब्बे पर न्याय की मुहर लगा दी, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन ली थीं और पूरे गांव को दहला दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय शिवनाथ त्रिपाठी की अदालत ने हत्यारे सोमनाथ सिंह को आजीवन कारावास और 10 हजार के आर्थिक दंड की सजा सुनाई।
जमीन विवाद से उठी खून की लपटें
साल 2021 के 24 सितंबर की शाम हरहे गांव की पगडंडियों पर गोपाल सिंह अपने घर की तरफ लौट रहे थे, तभी उत्क्रमित मध्य विद्यालय के पास उन्हें गोली मार कर हत्या कर दी। मारे गये गोपाल सिंह के बेटे छोटे लाल सिंह ने इल्जाम लगाया कि सोमनाथ सिंह और उसके साथ सत्यानंद, झगन, सुदामा और शिवसागर, सभी हथियारों से लैस होकर दौड़े।
सोमनाथ ने पिता के सीने पर गोली दाग दी। गोपाल सिंह वहीं ढेर हो गये। जमीन का विवाद इस खून की जड़ था। पहले भी आरोपियों ने धमकी दी थी कि “गांव छोड़ दो, नहीं तो अंजाम बुरा होगा।” इस मामले में 12 गवाहों की गवाही हुई।
सीजर लिस्ट और स्वीकारोक्ति बयान, पोस्टमार्टम व इनक्वेस्ट रिपोर्ट एवं बैलेस्टिक और FSL रिपोर्ट, इन सबूतों के आधार पर अदालत सोमनाथ सिंह दोषी करार देकर उसे सजा दी। अपर लोक अभियोजक उमेश दीक्षित ने अदालत में ठोस बहस रखी।






