Kohramlive : 8 मई की शाम…जब सूरज अस्त हुआ, एक नई रोशनी भारत सरकार के फैसले में चमक रही थी। दिल्ली के सबसे सुरक्षित कमरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने बैठे थे, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख… कॉम्बैट यूनिफॉर्म में। वहां तय हुआ, “अब हर आतंकी हमला, भारत पर युद्ध की कार्रवाई माना जायेगा।” अब न कोई कूटनीति की घुड़कियां, न कोई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रोने की गुहार, भारत ने सीधा कह दिया, “हम किसी के घर नहीं जा रहे, पर अगर हमारे दरवाजे पर आतंकी आये तो वो दरवाजा नहीं, सरहद बन जायेगा।” ये हर भारतीय की धड़कनों में उठती लपट थी। बीते 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने जो जख्म दिये थे, उन्हें सिलने के लिये भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाया। PIJK और पाकिस्तान की सरजमीं पर मौजूद 9 आतंकी ठिकाने खाक कर दिये गये। इन्हीं मलबों से मिली हैं खबरें, मसूद अजहर का भाई और उसकी पत्नी का भाई, दोनों ऑपरेशन में मारे गये।” यही वो नाम हैं जो 1999 के IC-814 हाईजैक के पीछे थे। बौखलाहट में पाकिस्तान ने भारत के 26 इलाकों को ड्रोन से निशाना बनाने की हिमाकत की, जम्मू से लेकर गुजरात तक। तीन दिन तक मिसाइलें, ड्रोन और साजिशें उड़ती रहीं, पर भारत चुप नहीं रहा, हर जवाब संयम से, पर ऐसा कि दुश्मन के होंठ कांप जायें। कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका जब युद्धवर्दी में कैमरों के सामने आईं, तो यह साफ था, ”अब जवाब केवल तोप से नहीं, सोच और साहस से भी मिलेगा।”
इसे भी पढ़ें : Weekly Horoscope (May 4 to 10, 2026) : सितारों ने लिखी 12 राशियों की नई कहानी… जानें
इसे भी पढ़ें : RBI के डिप्टी गर्वनर बने रोहित जैन…
इसे भी पढ़ें : पटरी पर दो धड़कनों का दर्दनाक अंत…
इसे भी पढ़ें : अचानक DC साहब अंचल कार्यालय पहुंचे, फिर क्या हुआ… जानें
इसे भी पढ़ें : नशे के सौदागरों को तीखी चोट…






