कोहराम लाइव डेस्क: अब तक अमेरिकी कंपनी Apple का नाम iPhone, iPad और AirPod जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लिए मशहूर रही है। अब यह कार मार्केट में भी कदम रखने जा रही है। प्राप्त सूचना के अनुसार, साल 2024 तक कंपनी सेल्फ-ड्राइविंग इलेक्ट्रिक कार (self driving electric car) के क्षेत्र में एंट्री करेगी। अपनी इस योजना पर कंपनी ने काम शुरू कर दिया है।
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Project Titan काम शुरू
उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी बात को ध्यान में रखकर अब एप्पल कंपनी ने भी इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। कंपनी ने अपने इस नए सेल्फ-ड्राइविंग कार प्रोजेक्ट को टाइटन Project Titan नाम दिया है।
Monocell बैटरी से चलेगी कार
टेस्ला इंक में काम कर चुके कंपनी के दिग्गज टेक एक्सपर्ट डौग फील्ड Doug Field ने साल 2018 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था। एप्पल का लक्ष्य एक ऐसा पर्सनल व्हीकल तैयार करना है, जो मास मार्केट के लिए बनाया गया हो। कंपनी की योजना में एक बैटरी का निर्माण भी शामिल है। इस बैटरी की लागत कम होगी और इससे इलेक्ट्रिक वाहनों में बेहतर रेंज भी प्राप्त हो सकेगी। कंपनी इस कार में मोनोसेल monocell बैटरी का प्रयोग कर सकती है।
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Parts के लिए आउटसोर्सिंग
जानकारी के अनुसार, कंपनी इस कार में इस्तेमाल किये जाने वाले कुछ एलिमेंट्स के लिए आउट सोर्सिंग भी कर सकती है। जैसे lidar सेंसर इत्यादि, जो कि सेल्फ ड्राइविंग कार को रोड का थ्री ड्रायमेंशनल व्यू देगा। यह तकनीक ड्राइविंग को और उन्नत बनाएगी।
टेस्ला से मिलेगा चैलेंज
अपने बेस्ट इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के दम पर मार्केट में लीडिंग ब्रांड बन चुकी के लिए ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में कदम रखना आसान चुनौती नहीं होगी। ऑटो सेक्टर में Apple को दिग्गज कंपनी टेस्ला के सामने अपने पांव जमाने होंगे, क्योंकि कंपनी ने अभी किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन का निर्माण नहीं किया है। टेस्ला की कारें इस समय दुनिया भर में अधिक लोकप्रिय है, लेकिन इसे लीडिंग इलेक्ट्रिक कार ब्रांड बनाने में टेस्ला को 17 वर्षों का समय लगा है।
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