Chouparan(Krishna Paswan) : भ्रष्टाचार, बिचौलिया संस्कृति और ग्रामीण समस्याओं के खिलाफ चौपारण प्रखंड मुख्यालय शनिवार को जनआक्रोश का केंद्र बन गया। जनसत्ता संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर आयोजित एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन में सैकड़ों ग्रामीण, किसान, मजदूर और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुये। आंदोलनकारियों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के नाम 10 सूत्री मांग-पत्र सौंपते हुये जनहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। धरना स्थल पर “भ्रष्टाचार बंद करो”, “किसानों का हक दो” और “दलाल-मुक्त प्रशासन चाहिये” जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा। मोर्चा नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गये तो आंदोलन को और उग्र किया जायेगा। धरना को संबोधित करते हुये मोर्चा संयोजक बृजभूषण इन्द्रगुरु ने कहा कि यह आंदोलन रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और इलाज जैसी मूलभूत जरूरतों से जुड़ा है। उन्होंने कहा, जब तक जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, यह संघर्ष और तेज होगा। कार्यक्रम में अध्यक्ष लाल जी राणा, मंत्री रवि कुमार सोनी, संयोजक ब्रजभूषण गुरु, पूर्व मुखिया नरेश पासवान, शिवनारायण पासवान, यूनुस मियां, मेराज अंसारी, कौसर अंसारी, लीलधारी रविदास, दयानंद दांगी, मुकेश सिन्हा, अबोध भुईया, आदित्य केशरी, शंकर पासवान, महावीर पोद्दार, भुवनेश्वर यादव, राजेंद्र राम चंद्रवंशी समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
मोर्चा की 10 बड़ी मांगें
- प्रखंड व अंचल कार्यालयों में दलाल-बिचौलियों की संस्कृति पर सख्त रोक।
- किसानों के धान अधिप्राप्ति के बकाया भुगतान का शीघ्र निपटारा।
- धान खरीद प्रक्रिया को अविलंब पुनः शुरू करने की मांग।
- जमीन से संबंधित ऑनलाइन त्रुटियों में सुधार व विवादों का पंचायत स्तर पर समाधान।
- पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी व रोजगार सेवक की पंचायत मुख्यालय में नियमित उपस्थिति।
- सहारा इंडिया व अन्य नॉन-बैंकिंग संस्थाओं में फंसी जनता की जमा पूंजी का भुगतान।
- पुराने मीटर हटाकर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पर रोक।
- क्षेत्रफल व जनसंख्या के आधार पर चौपारण प्रखंड का विभाजन कर नया प्रखंड गठन।
- बसरीया में पुलिस चौकी की स्थापना।
- वन अधिकार अधिनियम के तहत योग्य लाभुकों को वन भूमि का पट्टा और पीडीएस में अनियमितताओं पर निगरानी समिति का गठन।








