रांची : राजधानी का हेहल अंचल मतलब गड़बड़ ही गड़बड़। यहां कुछ ऐसे चेहरे जो हर पल बिकने को रहते हैं तैयार। जरूरत है सिर्फ खरीदारों की। उपलब्ध दस्तावेज ये खुलासा करते हैं कि कैसे दफ्तर के आईडी से बाहर हो रहा है गोलमाल और जाति, आवासीय और जन्म प्रमाणपत्र तक बन जाता है फर्जी। वंशावली का जुगाड़ हो जाता है अंचल कार्यालय से और उलटफेर का बाहर के कुछ गिने-चुने प्रज्ञा केंद्रों से। इस खेल के पीछे वैसे चेहरे हैं जो आपको चौंका देंगे। लाखों नहीं करोड़ों का होता है वारा-न्यारा। छोटी मछली को बनाया जाता है मोहरा और बड़का हो रहे हैं मालामाल। दफ्तर का जिम्मेदार अफसर नदारद। सामने आने को कोई तैयार नहीं। यहां काम करने वाले लोगों का ही दावा है कि अगर पूरे मामले की गहराई से जांच-पड़ताल की गई तो अबतक का सबसे बड़ा मामला सामने आ सकता है। जांच हुई तो सामाजिक सुरक्षा विभाग के दामन पर भी पड़ सकते हैं छींटे। कैसे पहुंच रहा है बाहर तक ऑफिस का गोपनीय पासवर्ड इसका राज खोल रहा है नीचे दिय गया वीडियो। आप भी देखें, सुनें और समझें…
यहां काम करने वालों का दावा है कि इस टेलीफोनिक बातचीत में जो आवाज है उसमें एक यहां काम करने वाली और दूसरी बाजार में मोर्चा संभालने वाली लड़की की है।







