Hazaribagh(Sunil Sahu) : झारखंड की मिट्टी से अब सिर्फ कोयला ही नहीं, बल्कि उम्मीदें भी निकल रही हैं। NTPC माइनिंग लिमिटेड की पकरी बरवाडीह परियोजना ने आज अपने सामाजिक दायित्व के तहत शिक्षा के आकाश में एक नई उड़ान भरी है। “तरंग” यह नाम है उस पहल का, जो गांवों के होनहार बच्चों को आईआईटी-जेईई और नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए निशुल्क कोचिंग देने जा रही है। सीकरी साइट पर शुरू हुई यह कक्षाएं सिर्फ एक कोचिंग सेंटर नहीं, बल्कि गांवों में छिपी प्रतिभाओं को दिशा देने वाला एक सशक्त मंच हैं।
शुभारंभ हुआ मौन प्रकाश (DFO, हजारीबाग) के प्रेरणादायी शब्दों से, जिन्होंने अपने आईआईटी अनुभव साझा कर बच्चों को मेहनत और अनुशासन की राह दिखाई। उन्होंने कहा “अगर डर लगे तो भी चलना मत छोड़ना, मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं।”इस आयोजन में चारों खनन परियोजनाओं के प्रमुख, अधिकारी, कर्मचारी और बच्चों के माता-पिता भी शामिल हुये और सबकी आंखों में एक ही सपना था अपने गांव के बच्चों को डॉक्टर और इंजीनियर बनते देखना।
पकरी बरवाडीह परियोजना इससे पहले भी स्वास्थ्य शिविरों, महिला सशक्तिकरण, कौशल प्रशिक्षण और स्कूलों के आधुनिकीकरण जैसे कामों से समाज की जड़ों को सींच चुकी है। लेकिन “तरंग” की यह पहल एक सपना बोती है ऐसा सपना जो शायद पहले असंभव लगता था, पर अब संभव है।
शायद आने वाले कल में, इन्हीं कक्षाओं से निकलकर कोई गांव का लाल, एम्स का डॉक्टर या आईआईटी का इंजीनियर बनेगा और तब पकरी बरवाडीह की यह लहर, एक क्रांति बन जायेगी। “तरंग” जहां कोचिंग नहीं, काबिलियत उड़ान भरती है। सशक्त गांव, सशक्त राष्ट्र अब शिक्षा से होगा निर्माण।








