Hazaribagh(Sunil Sahu) : ठंडी सुबह की हल्की धूप में जब समाहरणालय परिसर से नशा मुक्ति अभियान की रैली रवाना हुई, तो हवा में एक नये बदलाव की सुगंध घुल गई। DC नैंसी सहाय ने हरी झंडी लहराई, और एक संकल्प ने गति पकड़ी..हजारीबाग को नशे की काली छाया से मुक्त करने का संकल्प। उन हजारों युवाओं के भविष्य का प्रश्न था, जो अनजाने में इस अंधेरी राह पर बढ़ चले हैं। हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट के इस अभियान का संदेश स्पष्ट था, हम अपने शहर को बर्बादी की ओर नहीं जाने देंगे। हाल के वर्षों में हजारीबाग में नशा यानी धीमा जहर खूब बिकने लगा है। युवा पीढ़ी के भटकने से अपराध दर में इजाफा हुआ है। रैली में शामिल सुनील का कहना था कि जहां अंधेरा घना होता है, वहीं रोशनी की लौ भी तेज जलती है।
समाज के हर वर्ग का मिला साथ
इस अभियान में जिला प्रशासन के साथ-साथ शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य लोग भी शामिल हुये। कटकमसांडी पूर्वी जिला परिषद प्रतिनिधि मनीष ठाकुर, गुरुकुल कोचिंग संस्थान के संस्थापक जे.पी. जैन, शमा लाइब्रेरी ट्रस्ट के सचिव मो. मुस्तकिम, हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट के अध्यक्ष शाहिद हुसैन और कई अन्य समाजसेवी इस पहल में जुटे।कार्यक्रम में सुफिया नाज और नेहाल अहमद की भूमिका भी सराहनीय रही। खासकर नेहाल अहमद ने इस मुहिम को गति देने के लिए अपनी पूरी ऊर्जा समर्पित कर दी। उनके प्रयासों से कई युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर आने की प्रेरणा मिली। बताया गया कि इस अभियान को केवल एक दिन की रैली तक सीमित नहीं रखा जायेगा। स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, नशा मुक्ति केंद्रों का विस्तार, माता-पिता की भूमिका पर कार्यशालायें, पुलिस प्रशासन और सामाजिक संगठनों का संयुक्त प्रयास, इन सबके माध्यम से इस लड़ाई को मजबूत किया जायेगा। वहीं, हर महीने एक खास जनसंवाद होगा, जहां नशे से उबर चुके लोग अपनी कहानियां साझा करेंगे। जब कोई अपनी असली तकलीफ और संघर्ष की दास्तान सुनायेगा, तो शायद किसी और की जिंदगी बच सकेगी।










