Kohramlive : चक्रवात मुरासु की ताकत अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक, बुधवार तक इसकी तीव्रता कम हो जायेगी। वहीं, 5 नवंबर तक चक्रवाती सिस्टम के पूरी तरह समाप्त होने की संभावना है। चक्रवात के गुजरने के बाद आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ओंगोल और कोथापट्टनम के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कुछ तटीय क्षेत्रों में समुद्र का पानी बढ़ने से भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
झारखंड पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर
चक्रवात मुरासु का झारखंड में खास असर पड़ने की संभावना नहीं है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार, 4 नवंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, किसी बड़े मौसमी बदलाव या गंभीर प्रभाव की आशंका नहीं है।







