Saraikela : मां के गुजरने के बाद संथाली समाज में एक खास पारिवारिक परंपरा निभाई जाती है। इसी परंपरा के तहत CM हेमंत सोरेन मंगलवार को अपने परिवार के साथ चांडिल के धातकीडीह गांव स्थित ननिहाल पहुंचे। मां रूपी सोरेन के निधन के बाद यह उनका पहला ननिहाल दौरा था। यहां उन्होंने मामा और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ पारंपरिक रस्में पूरी कीं। CM के पहुंचने पर मामा गुरुचरण किस्कू और चारु चांद किस्कू ने संथाली रीति-रिवाज से उनका स्वागत किया। पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन, पुत्र और परिवार के अन्य सदस्य भी इस दौरान साथ रहे। बाद में सीता सोरेन अपनी बेटी के साथ पहुंचीं और पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल हुईं।
मां के जाने के बाद निभाई जाती है यह रस्म
संथाली आदिवासी समाज में मां के निधन के बाद उसके बच्चों को ननिहाल बुलाने की परंपरा है। मामा-मामी घर बुलाकर दातुन-पानी समेत शोक निवारण से जुड़ी रस्में पूरी कराते हैं। यह परंपरा मां के मायके और उसके बच्चों के बीच रिश्तों की डोर मजबूत बनाये रखने का प्रतीक मानी जाती है। ननिहाल पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम का दौरा किया।







