Kohramlive : मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद भारत-फ्रांस रिश्तों को नया नाम मिला, ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’। इस बैठक का सबसे बड़ा अपडेट यह रहा कि भारतीय सेना और फ्रांस की लैंड फोर्सेस के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है। अब दोनों देशों के सैन्य अधिकारी एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर तैनात किये जायेंगे। इससे सैन्य तालमेल और मजबूत होगा। एक-दूसरे की टेक्नोलॉजी को करीब से समझने का मौका मिलेगा। भविष्य के संयुक्त ऑपरेशन और भी प्रभावी बनेंगे।
कर्नाटक में बनेगा ‘एवरेस्ट वाला’ हेलिकॉप्टर
कर्नाटक के वेमगल में H125 हेलिकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन भी इस मुलाकात की खास उपलब्धि रही। टाटा और एयरबस की साझेदारी से बनने वाला यह हेलिकॉप्टर दुनिया का इकलौता ऐसा हेलिकॉप्टर है, जो माउंट एवरेस्ट की चोटी पर भी लैंड कर सकता है। इस प्रोजेक्ट में 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होगा और यहां बने हेलिकॉप्टर पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट किये जायेंगे। यानी ‘मेक इन इंडिया’ की उड़ान अब वैश्विक आसमान में और ऊंची होगी। रक्षा क्षेत्र में भी बड़ी खबर सामने आई है। भारत 114 नये राफेल फाइटर जेट्स खरीदने की तैयारी में है, जिनमें से 90 जेट्स भारत में ही बनाये जायेंगे। इसके साथ ही भारत की BEL और फ्रांस की सैफ्रन मिलकर ‘हैमर’ मिसाइलों का निर्माण भारत में करेंगी, यानी आत्मनिर्भर रक्षा की दिशा में एक और बड़ा कदम। वहीं, दोनों देशों की सेनाओं के बीच होने वाली ‘एक्सरसाइज शक्ति’ अब हर दो साल के बजाय हर साल आयोजित की जायेगी। बेंगलुरु में हुई डिफेंस डायलॉग में फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन और भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर मुहर लगाई। वहीं, अगले 10 साल के लिये डिफेंस कोऑपरेशन एग्रीमेंट को भी नवीनीकृत कर दिया गया। इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर को तेज करने पर भी सहमति बनी है। दोनों देशों ने टैक्स नियमों में बदलाव (Double Tax Avoidance Pact) पर भी सहमति जताई, ताकि व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिल सके। राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत को फ्रांस का सबसे भरोसेमंद साथी बताया है। वहीं वे 18 फरवरी को दिल्ली में होने वाले एआई समिट में भी हिस्सा लेंगे।



