मोबाइल लेकर भागा, बाइक वहीं छोड़ गया
चोरी करने के बाद आरोपी मोबाइल लेकर भाग निकला, लेकिन उसकी मोटरसाइकिल दुकान के बाहर ही चालू हालत में छूट गई। दुकानदार को जैसे ही मोबाइल चोरी होने का पता चला, उन्होंने शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और अन्य लोग आरोपी के पीछे दौड़े और कुछ दूर सड़क पर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी किया गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया। पकड़े जाने के बाद आरोपी ने अपना नाम शेख खुर्शीद बताया। वह पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला के सूरी थाना क्षेत्र के तारापुर का रहनेवाला है। इसके बाद दुकानदार के लिखित आवेदन पर दुमका टाउन थाना में मामला दर्ज किया गया।
छह गवाहों की गवाही बनी अहम कड़ी
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सहायक लोक अभियोजक शशिकांत ठाकुर ने छह गवाहों की गवाही कराई। अदालत के समक्ष जब्ती सूची, गिरफ्तारी मेमो, प्राथमिकी और आरोप पत्र समेत अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किये गये। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को भादवि की धारा 379 के तहत दोषी माना। सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुये अदालत से सजा में नरमी बरतने का अनुरोध किया। वहीं अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता को देखते हुये कठोर दंड देने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद CJM अनूप तिर्की ने 14 सितंबर 2026 को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने शेख खुर्शीद को धारा 379 के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास एवं 5,000 रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर उसे तीन महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। फैसले में ट्रायल के दौरान आरोपी द्वारा जेल में बिताये गये 25 दिनों की हिरासत अवधि का भी उल्लेख किया गया है।




