बच्ची को ले गये चाइल्ड लाइन वाले, सौंपी जायेगी सीडब्ल्यूसी को
चतरा : घर में शादी हो रही थी। आंगन मेहमानों से भरा था। रस्में निभाईं जा रही थी, लेकिन आंगन के बाहर किसी अनजान शख्स के एक फोन ने सारा माहौल बिगाड़ दिया। रस्में निभाती नाजुक सी दुल्हन के मन में आशा का संचार हुआ। उसे लगा कि शायद यह अनहोनी टल जाये। दरअसल दुल्हन नाबालिग थी और परिवार के दबाव में उसे शादी करनी पड़ रही थी। इसी उधेड़-बुन के बीच कुछ लोग आ धमके और शादी रोकने को कहा। ये लोग चाइल्ड लाइन सब सेंटर से आये थे, जिन्हें एक नाबालिग के जबरन विवाह कराये जाने की सूचना मिली थी। शादी तो रुक गयी, लेकिन अब बच्ची के घर वाले उसे अपने घर रखने को तैयार नहीं।
चाइल्ड लाइन की टीम एक्शन में आई
एक शख्स के कॉल के बाद चाइल्ड लाइन सब सेंटर की टीम तत्काल एक्शन में आई। टीम के सदस्य पहुंचे दुंदवा गांव के उस घर में, जहां बच्ची की शादी की तैयारी हो रही थी। घर में रिश्तेदार और परिजन थे। घरवाले ने टीम के सदस्यों से कहा, उनकी लड़की बालिग है। जब लड़की के सर्टिफिकेट की जांच की गई, तो पाया गया कि लड़की सिर्फ 15 साल की है। सिमरिया पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया और फिर शादी पर रोक लगा दी। इस पर घरवालों ने बच्ची को घर में रखने से इनकार कर दिया। तब टीम के सदस्य नाबालिग बच्ची को चाइल्ड लाइन सेंटर चतरा ले गए, जहां से उसे सीडब्ल्यूसी को सौंपने की तैयारी है।
पढ़ना चाहती हूं, जबरदस्ती शादी करा रहे थे मां-बाप
चाइल्ड लाइन सेंटर में नाबालिग लड़की ने कहा कि वह पढ़ना चाहती है, लेकिन मां-बाप उसकी शादी जबरदस्ती करवा रहे हैं। जल्द ही इस लड़की को बाल कल्याण समिति में पेश किया जाएगा। इस बाबत टीम के लीडर फिल्मन बाखला ने कहा कि हमारी टीम ने कई बाल विवाह पर रोक लगाई है। छोटी-छोटी बच्चियों की शादी करा दी जाती है। टीम ने कई बार कार्रवाई करते हुए नाबालिगों को इंसाफ दिलाया है। बाल विवाह कानूनन अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त सजा होनी चाहिए।
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