Kohramlive : तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिये वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने उनके अलावा केंद्रीय मंत्री रहे बाबुल सुप्रियो, पश्चिम बंगाल के पूर्व DGP राजीव कुमार और अभिनेत्री कोएल मल्लिक को भी प्रत्याशी घोषित किया है। अगर मेनका गुरुस्वामी चुनाव जीत जाती हैं तो वह देश की पहली LGBTQ राज्यसभा सदस्य बन सकती हैं। मेनका गुरुस्वामी सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील हैं और संवैधानिक मामलों की विशेषज्ञ मानी जाती हैं। उन्होंने उस ऐतिहासिक मामले में अहम पैरवी की थी, जिसके बाद 2018 में भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को निरस्त कर समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल अशोक देसाई के मार्गदर्शन में की। संवैधानिक मुकदमों और लिटिगेशन के क्षेत्र में काम करते हुये उन्होंने खुद को एक मजबूत कानूनी आवाज के रूप में स्थापित किया।
ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड से पढ़ाई
मेनका गुरुस्वामी ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से सिविल लॉ (BCL) में ग्रेजुएशन और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से लॉ में मास्टर्स (LLM) की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म में एसोसिएट के तौर पर भी काम किया। उनका पोर्ट्रेट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रोड्स हाउस के मिलनर हॉल में लगाया गया है, जिससे वह यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय और दुनिया की दूसरी महिला बनीं। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह भारत लौटीं और नई दिल्ली में प्रैक्टिस शुरू की। मेनका गुरुस्वामी को ‘फॉरेन पॉलिसी’ मैगजीन की 2019 की 100 सबसे प्रभावशाली ग्लोबल थिंकर्स की सूची और Time Magazine की 2019 की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में भी जगह मिल चुकी है। हाल ही में उन्होंने I-PAC कार्यालय में ईडी की तलाशी को चुनौती देने वाले मामले में तृणमूल कांग्रेस का पक्ष रखा था। अब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिये अपना उम्मीदवार बनाया है। जीत की स्थिति में उनका संसद पहुंचना भारतीय राजनीति में प्रतिनिधित्व और विविधता के लिहाज से एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।










