Kohramlive : तमिलनाडु के चर्चित करूर भगदड़ मामले में मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार के उन सरकारी आदेशों (जीओ) को रद्द कर दिया, जिनके तहत भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने का फैसला लिया गया था। हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच CBI कर रही है और इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट कर रहा है। ऐसे में अदालत मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विजय ने 10 जुलाई को करूर दौरे के दौरान 41 मृतकों के परिवारों में से 32 पात्र सदस्यों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे थे। सरकार ने इसे पुनर्वास पैकेज का हिस्सा बताया था। इसी फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अब सरकारी आदेश को निरस्त कर दिया है।






