UP : प्रयागराज में कल से महाकुंभ मेला शुरू होगा। इससे पहले शाही स्नान पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त में होगा। इस बार महाकुंभ में 144 साल बाद एक दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है, जिसमें सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति ग्रहों की शुभ स्थिति है। हर 12 वर्ष में एक बार होने वाला यह महाकुंभ मेला चार प्रमुख स्थानों पर होता है। प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में। इस मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं का जुटान होता हैं। इसे विश्व के सबसे बड़े धार्मिक सम्मेलनों में से एक माना जाता है। इस बार महाकुंभ विशेष रूप से इसलिए अहम है, क्योंकि 144 वर्षों बाद एक दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है, जो समुद्र मंथन से जुड़ा हुआ है।
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