Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा की धरती पर शनिवार का दिन किसी पर्व से कम न था। अदालत की चौखट पर उमड़ा जनसैलाब, जैसे बरसों से दिल में दबी पीड़ा को आज आंसुओं के साथ बहाकर हल्का कर देना चाहता हो। तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत जनता के दुखों का मेला बन गई, जहां हर चेहरा उम्मीद के उजाले में नहाया दिखा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), रांची के आदेश पर गढ़वा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA) ने जब यह आयोजन किया, तो न्याय की चौखट पर रोशनी की लकीर खिंच गई। ‘नालसा वीर परिवार सहायता योजना 2025’ का शुभारंभ हुआ। झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं झालसा के मुख्य संरक्षक तरलोक सिंह चौहान और झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजित नारायण प्रसाद ने इसका उद्घाटन किया।
गढ़वा और नगर उंटारी की अदालतों में बैठे न्यायाधीशों के चेहरों पर आज कठोरता नहीं, बल्कि संवेदना झलक रही थी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा और उनके संग बैठे न्यायिक अधिकारी, जैसे किसी पारिवारिक विवाद को सुलझाते बड़े-बुजुर्ग हों। 25 पीठें बनीं और 1,08,185 मामले निपट गये। करीब पांच करोड़ से अधिक की राशि वसूली गई। असली जीत उन चेहरों पर थी, जो बरसों से अदालतों के चक्कर काटते हुये थक चुके थे। कोई किसान, जो बैंक के कर्ज से दबा था। कोई गरीब, जिसका बिजली बिल उसकी रातों की नींद हराम कर चुका था। कोई मां, जो पारिवारिक झगड़ों के बीच बिखर चुकी थी। सभी को न्याय का ऐसा आसरा मिला, मानो बरसों से सूखे दिल में आज मेघ बरस पड़े हों।
इन मामलों का हुआ निपटारा
- बैंक से जुड़े – 121
- आपराधिक शमनीय – 529
- बिजली से संबंधित – 132
- मोटर वाहन अधिनियम – 16
- कुटुम्ब न्यायालय, सिविल वाद, राजस्व एवं अन्य – 1,06,465
- 5,67,62,354 रुपये की वसूली










