Kohramlive : एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती ने बीते एक साल से अपनी ही सरकार के खिलाफ शराबबंदी के लिए मोर्चा खोल रखा है। मध्यप्रदेश सरकार ने शराब को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। शिवराज कैबिनेट की बैठक में नई शराब नीति को मंजूरी मिल गई है। शराब दुकानों में शराब तो मिलेगी लेकिन पीने के लिए शराब के शौकीन को अपनी जगह तलाशनी होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में अब ना कोई नई शराब की दुकान खुलेगी और ना ही दुकानों के पास लोग बैठकर शराब पी सकेंगे। प्रदेश के गृहमंत्री और सरकार के प्रवक्ता डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया सरकार लगातार शराब को हतोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है और उसके तहत एक बड़ा कदम है। वहीं अब शराब पीकर वाहन चलाने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने के प्रावधान किए जा रहे हैं। शैक्षणिक और धार्मिक संस्थाओं के आस-पास भी अब शराब की दुकानें नहीं होंगी। कम से कम 100 मीटर की दूरी होना जरूरी है। आरबीसी 6-4 के दायरे को बढ़ाया गया है। इसके तहत सभी प्रकार की घटनाओं की राहत की राशि में बढ़ोतरी हुई है। सतना मेडिकल कॉलेज के लिए 1589 पदों की स्वीकृति दी गई है। पदों की पूर्ति चरणबद्ध तरीके से होगी, साथ ही विभिन्न स्थानों पर लोग परिसंपत्तियों के विक्रय के अनुमति भी कैबिनेट में दी गई है।












