Garhwa(Nityanand Dubey) : अगले 90 दिनों तक आम जनता को विधिक जागरूकता और उनके अधिकारों के बारे में जगाने का काम करेंगे कानूनविद। गढ़वा के बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय परिसर के सदगुरुपद संभव राम सभागार में गुरुवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के बैनर तले 90 दिवसीय आउटरीच सह विधिक जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गढ़वा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन गढ़वा न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह DLSA अध्यक्ष नलिन कुमार और विशिष्ट अतिथि जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एक) सह पोक्सो एक्ट के मुख्य न्यायाधीश दिनेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मंच का संचालन वनांचल डेंटल कॉलेज की डॉ. तान्या ने किया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार ने संविधान, कानून की धाराओं एवं नागरिक अधिकारों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराध और इससे बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डाला।
इन खास विषयों पर हुई चर्चा
- बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (POCSO): न्यायाधीश दिनेश कुमार ने बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी दी।
- बौद्धिक संपदा और मोटर वाहन अधिनियमः न्यायाधीश शिवनाथ त्रिपाठी ने इन विषयों पर प्रकाश डाला।
- महिला हिंसा और कानूनी सहायताः SDJM मोनिका प्रसाद ने महिलाओं पर हो रहे अपराधों की चर्चा की।
- साइबर क्राइम और साइबर सुरक्षाः सिविल जज (जूनियर डिविजन) अभिनव कुमार ने डिजिटल सुरक्षा के उपाय बताये।
- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और झालसा योजनाएंः DLSA सचिव रवि चौधरी ने कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
- इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुमार विपुल, ACJM संगीता कुमारी,न्यायिक मजिस्ट्रेट वीणा कुमारी, अनुलिका कुमार, महेंद्र पंडित, न्यायालय कर्मचारी प्रमोद कुमार, दीनदयाल पाठक, भारत भूषण तिवारी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 500 छात्र-छात्राओं, विश्वविद्यालय के डॉक्टरों, स्टाफ एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।








