कोहराम लाइव डेस्क : आज राष्ट्रीय चिकित्सक डे (National Doctor’s Day) है। ये दिवस पश्चिम बंगाल के द्वितीय मुख्यमंत्री एवं प्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल के प्रथम मुख्यमंत्री डॉक्टर प्रफ्फुल चंद्र घोष के बाद डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय 1948 से 1962 तक यहां के मुख्यमंत्री रहे। ये एक महान स्वतंत्रता सेनानी एवं प्रख्यात चिकित्सक थे। इन्होंने 1928 में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ये इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रथम अध्यक्ष भी थे। 1961 में इन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया।
डॉक्टर रॉय ने मॉडर्न मेडिसिन में भारतीयों का विश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। वह महात्मा गांधी के दोस्त और उनके निजी डॉक्टर थे। आजादी से पहले, डॉ रॉय जब बंगाल की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा थे, तब जरूरत पड़ने पर नर्स की ड्यूटी भी करते थे। खाली वक्त मिलता तो प्राइवेट में मरीजों को देखते, बेहद मामूली फीस लेकर। उनकी जयंती को भारत ‘डॉक्टर्स डे’ के रूप में मनाता है।
डॉ बिधान चंद्र रॉय की एक दिलचस्प कहानी भी है। देश की आजादी के समय महात्मा गांधी को आगा खान पैनेस में कैद करके रखा गया था। जहां उन्हें मलेरिया हो गया था। गांधीजी अंग्रेजी दवा नहीं लेना चाहते थे। उन्होंने कहा, “मैं आपकी दवा क्यों लूं? क्या आप मेरे 40 करोड़ देशवासियों का मुफ्त में इलाज करते हैं?” इसपर डॉ रॉय ने जवाब दिया, “लेकिन महात्माजी, आपको क्या लगता है कि मैं किसे ठीक करने आया हूं। मैं यहां मोहनदास करमचंद गांधी को ठीक करने नहीं, बल्कि उस इंसान को ठीक करने आया हूं जो मेरे लिए 40 करोड़ लोगों का नुमाइंदा है। क्योंकि मुझे लगता है कि अगर वो मर गया तो 40 करोड़ लोग मर जाएंगे और अगर वो जीता है तो 40 करोड़ लोग जिएंगे।” जिसके बाद गांधीजी के पास डॉक्टर साहब की बात मानने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
इसे भी पढ़ें :BREAKING : झारखंड के 112 BDO इधर से उधर, जानिये कौन कहां गये
इसे भी पढ़ें : अब रात 8 बजे तक खुलेंगी दुकानें, जानिये और कहां मिली छूट, कहां जारी रहेगी पाबंदी








