- नदी की जमीन तक नहीं छोड़ा, नजर गड़ा दी थी बीएयू की जमीन पर
- सबसे पहले गाज गिरी कांके सीओ पर, हुए निलंबित
- कई सफेदपोश चेहरे होंगे बेनकाब
रांची : भू-माफिया कमलेश कुमार का खूंटा अब डगमगाने लगा है। एक मामूली फोटोग्राफर से बड़ा भूमाफिया बने कमलेश ने जुमार नदी को ही कब्जाने में पूरी ताकत लगा दी। कुछ सफेदपोश चेहरों ने उसका पूरा साथ भी दिया और यह मामला जैसे सीएम कोठी तक पहुंचा, जांच के दायरे में आ गयी कमलेश कुमार की करतूत और उसके पनाहगाह, मददगार की हरकत। सबसे पहले कमलेश कुमार के नाम पर एफआईआर दर्ज की गयी। यह एफआईआर कांके अंचल के राजस्व उपनिरीक्षक रंजीत कुमार के बयान पर दर्ज की गयी। प्राथमिकी भादवि की धारा 431, 432 और 379 के तहत दर्ज की गयी। इस कांड के आईओ प्रशिक्षु दारोगा निलेश कुमार को बनाया गया है।
कमलेश कांके अंचल की जुमार नदी, गैरमजरूआ जमीन और बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के नाम अर्जित जमीन को ही निपटाने में लग गया था। नदी के के किनारे जमीन को समतल कर उसे बेचने की फिराक में जुट गया था। उसने कई लोगों से गिफ्ट में जमीन देने का भी वादा कर डाला। इसमें कुछ बड़े ओहदे पर काबिज लोगों की पत्नियां भी शामिल हैं। जांच हुई तो सबसे पहले नपे कांके के सीओ अनिल कुमार। सीएम के आदेश पर आज सीओ को निलंबित कर दिया गया। वहीं कांके के सीआई और राजस्व कर्मचारी पर कभी भी गाज गिर सकती है। कुछ वैसे सफेदपोश भी बेनकाब होंगे, जो भूमाफिया कमलेश कुमार से गाहे-बगाहे उपकृत होते रहते हैं। कुछ चेहरों तो चौंकाने वाले बेनकाब होंगे।
जांच की शुरुआत हुई नहीं थी कि इससे पहले और बाद ‘गिफ्ट’ खूब बंटी। बाइक से लेकर कार तक बांटी गयी। शुरुआती दौर में जब यह कंधे पर कैमरा लटकाकर घूमना शुरू किया, तब उसके एक कारनामे ने एक डीएसपी स्तर के अधिकारी के माथा को भी ठनका कर रख दिया था। पकड़े गये ‘एक मोस्ट वांटेड’ को थाने से ही छुड़ाने की बात कह कर जो कुछ उसने किया था, उसे जान डीएसपी दंग रह गये थे। बाद में उसे भी थाना बुलाया गया था। उसे थाना परिसर में शर्मसार तक होना पड़ा था। बाद में यही ‘मामूली फोटोग्राफर’ बड़े-बड़े आईएएस-आईपीएस को ऐसा घुमाया कि आज इनके द्वारा बनाया गया ‘’आशियाना’’ भी जांच के दायरे में आ गया है। सरकारी जमीन पर ही पूरी ‘’सोसाइटी’’ बसा दी। यह बात जब सीएम हेमन्त सोरेन तक पहुंची तो उन्होंने सबका वहम तोड़ते हुए जमीन से जुड़े तीन चर्चित मामलों की जांच के आदेश दे दिये। सबकी जांच शुरू हो गयी है, नतीजा आना बाकी है।
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