Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा की सुबह एक नये सूरज की किरणों से दमक उठी थी, जब न्याय की अलख जगाने के लिये विधिक साक्षरता क्लब का उद्घाटन हुआ। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने डिजिटल माध्यम से इस नई पहल का शुभारंभ किया, जिसमें झारखंड के सभी 72 डीएवी स्कूलों को जोड़ा गया। वहीं, “सुरक्षा” परियोजना की भी शुरुआत हुई, जो बच्चों को उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंच के लिये शिक्षित करेगी। गढ़वा और भवनाथपुर के DAV स्कूलों को इस ऐतिहासिक घड़ी का सीधा गवाह बनने का मौका मिला। गढ़वा DAV में न्याय की लौ जलाने सिविल कोर्ट के न्यायाधीश अभिनव त्रिपाठी पहुंचे, वहीं भवनाथपुर डीएवी में इस पहल के साक्षी एसीजेएम नगर ऊंटारी अरविंद कच्छप बने।
न्यायमूर्ति अभिनव त्रिपाठी ने छात्रों को संबोधित करते हुये कहा, “न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, यह हर व्यक्ति की सोच और समझ में होना चाहिये। विधिक साक्षरता क्लब विद्यार्थियों को न केवल उनके कानूनी अधिकार बतायेंगे, बल्कि उन्हें अपने समाज में न्याय के लिये खड़ा होने की हिम्मत भी देंगे।” विद्यालय के प्रिंसिपल आर.के. सिन्हा ने विद्यार्थियों से कहा, “न्याय का ज्ञान एक दीपक की तरह है, जो न केवल स्वयं का मार्ग रोशन करता है, बल्कि दूसरों की राह को भी उजाला देता है।”
कार्यक्रम में उपमुख्य एलएडीसी नित्यानंद दुबे ने बताया कि यह क्लब वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिताएं और कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को सामाजिक समस्याओं से रूबरू कराएगा। अधिवक्ता प्रेमचंद तिवारी ने इसे एक ऐसी पहल बताया, जो गरीबों और जरूरतमंदों को कानूनी सहायता तक पहुंच दिलाने में सहायक होगी। इस कार्यक्रम में शिक्षिका अमिय मुखर्जी, शिक्षक अनिल कुमार पांडेय, डीएलएसए स्टाफ प्रमोद कुमार दुबे, पीएलवी मुरली श्याम तिवारी, सूर्यदेव चौधरी, राम कुमार राम समेत कई छात्र-छात्राएं और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। विद्यालयों में विधिक साक्षरता क्लब की यह पहल एक नई रोशनी लेकर आई है, जो आने वाली पीढ़ियों को न्याय का रास्ता दिखायेगी और उन्हें एक सशक्त समाज का निर्माण करने के लिए प्रेरित करेगी।






