Ranchi : रांची के ऐतिहासिक विधानसभा भवन में 27-28 मार्च को “विकसित भारत युवा संसद” प्रतियोगिता होगी। यानी एक नये भारत की सोच को आकार देने का मंच होगा। यहां झारखंड के 93 होनहार युवा अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे, तो यह केवल शब्दों की गूंज नहीं होगी, बल्कि संविधान के प्रति उनकी आस्था, अधिकारों के प्रति उनकी जागरूकता और कर्तव्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की गूंज होगी।
झारखंड के कोने-कोने से आये ये युवा संविधान की आत्मा को समझेंगे, तर्क-वितर्क करेंगे और भविष्य के नीतिनिर्माताओं के रूप में खुद को परखेंगे। इस मंच पर बोलना मात्र एक सम्मान नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है—राष्ट्र को एक नई दिशा देने की जिम्मेदारी। जब एक युवा बोलेगा—”75 वर्षों की संविधान यात्रा”, तो उसकी आवाज़ में उन अनगिनत संघर्षों की गूंज होगी, जिन्होंने भारत को लोकतांत्रिक महाशक्ति बनाया। और जब कोई कहेगा—”संविधान दिवस के 11 संकल्प”, तो उसके शब्दों में एक विकसित, समावेशी और सशक्त भारत की परिकल्पना होगी। इस युवा संसद में झारखंड के भविष्य के कर्णधारों का संगम होगा। और अंत में जब तीन सर्वश्रेष्ठ वक्ता राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे, तो वे केवल राज्य के युवा नहीं होंगे, बल्कि संविधान के सच्चे प्रहरी होंगे।








