Ranchi : झारखंड आंदोलनकारी, झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष व झामुमो के पूर्व जिला अध्यक्ष सामुएल गुड़िया का आज (24 अप्रैल को) निधन हो गया। 75 वर्षीय सामुएल हृदय रोग से ग्रसित थे।
सामुएल गुड़िया का जन्म 3 नवंबर 1945 को रांची निवारनपुर में हुआ था। वे 1988 से झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े और लगातार झारखंड अलग राज्य की लड़ाई के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों को लेकर प्रखर रहे। विशेषकर वर्ष 1992- 93 में बिजली की समस्या को लेकर लगातार संघर्ष किए, हटिया ग्रिड जाम कर पटना क्षेत्र के संचरण व्यवस्था को रोकने वाले आंदोलन के लिए विख्यात हुए थे। इसी आंदोलन से इनकी पहचान रांची सहित पूरे राज्य में स्थापित हुई थी। 9 जून 1993 को झामुमो द्वारा आयोजित आर्थिक नाकेबंदी में सक्रियता से भाग लिया। इस दौरान उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जेल में उनके साथ झामुमो नेता व मित्र आंदोलनकारी मानव घोष दस्तीदार भी थे। उन्होंने बताया कि सामुएल गुड़िया सादगी पसंद और मृदुभाषी थे। सभी को जोड़कर चलते थे व जेएमएम सरकार में झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष भी रह चुके थे।
उनके निधन पर डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह, राजू महतो, अजीत मिंज, आजम अहमद, ड्रा वीरेंद्र कुमार महतो,राजकमल महतो, किशोर किस्कु, अश्विनी कुजुर, संतोष सहाय, पुष्कर महतो, प्रवीण सहाय, जुबैर अहमद, अंतू तिर्की, अनवर खान, रामशरण विश्वकर्मा, कयूम खान, संजू गुप्ता, शहजादा अनवर, राशिद खान, गैब्रिएल खाखा, भाई गोकुल चंद, रवि नंदी दिवाकर साहू, भुनेश्वर केवट, सरोजिनी कच्छप, विनीता अल्पना खलखो, प्रफुल्ल ततवा, सीमा देवी, सीता रानी जैन, तारा देवी, मोनिका देवी, जयश्री दास, कुमुद कुमार वर्मा, विनोद बड़ाईक भुनेश्वर सेनापति, अनिल वर्णवाल सहित अन्य ने शोक व्यक्त किया है।
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