Jamshedpur : पथ परिवहन एवं कल्याण मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से भरा-पूरा है। छोटे-बड़े उद्योग हैं। खेत खलिहान भी हैं, लेकिन विकास के दृष्टिकोण से झारखंड पिछड़ा है। विकास तभी संभव है, जब यहां के लोग शिक्षित हो। बिना शिक्षा विकास की राह पर आगे नहीं बढ़ा जा सकता। कामयाबी हासिल करने के लिये शिक्षित होना जरूरी है। मौका था रविवार को जमशेदपुर के नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी का द्वितीय के दीक्षांत समारोह का। समारोह में मुख्य अतिथि की हैसियत से मौजूद मंत्री चंपई सोरेन ने राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समान शिक्षा व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसी के तहत राज्य की हेमंत सरकार ने राज्य में हर पंचायत स्तर पर एक मॉडल स्कूल की स्थापना करने की योजना बनायी है। शिक्षा जगत में नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा केजी से लेकर पीजी तक की जा रही पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जीवन में एक अभिभावक और अनुशासन का होना जरूरी, तभी समाज और प्रदेश देश भर में बड़ी कामयाबी हासिल कर सकता है। उन्होंने समारोह में डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बताया कि अब उनका विद्यार्थी जीवन पूरा हो रहा है। अब समाज, प्रदेश और देश के विकास में भागीदारी उनकी जिम्मेवारी है। वहीं रुटीन बना कर दिन भर के कार्य को निबटाने की सीख दी। जॉब के अलावा समाज के लिए भी समय निकालें और अब तक समाज से जो लिया है, वह लौटाने की दिशा में कदम बढ़ायें। मंत्री सोरेन ने यूनिवर्सिटी के नजदीक नदी किनारे मरीन ड्राइव का निर्माण कराने की बात कही।

मंत्री चंपई सोरेन को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा जायेगा। यह घोषणा नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने किया। समारोह के मुख्य अतिथि मंत्री चंपई सोरेन को पूरा मान-सम्मान देते हुये उन्हें मंच तक लाया गया। समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रम के टॉपर व सेकेंड टॉपर रहे 21 छात्र-छात्राओं को गोल्ड तथा 16 छात्र-छात्राओं को सिल्वर मेडल व डिग्री प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया। स्नातक 2019-22 तथा स्नातकोत्तर 2019-22 के करीब 400 छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक मौजूद थे।
हर तीन साल पर एक अस्पताल और एक यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी : कुलाधिपति
यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से आदित्यपुर में 14 एकड़ भूखंड पर 150 सीटों के साथ मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना हो रही है। इसी तरह प्रत्येक तीन वर्ष के अंतराल पर एक अस्पताल एवं एक मेडिकल यूनिवर्सिटी खोलने का लक्ष्य है। प्रत्येक विश्वविद्यालय में कम से कम 104 चिकित्सक और करीब 700 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। फिलहाल एक मेडिकल यूनिवर्सिटी बिहार में चल रही है। फिलहाल 184 चिकित्सक हैं। वहीं नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी से प्रत्येक वर्ष पासआउट होकर 100 वकील निकलते हैं। पासआउट विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने कहा कि वे विश्वविद्यालय से विदा नहीं हो रहे हैं, उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय से प्रत्येक वर्ष कम से कम 500 विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट हो रहा है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गंगाधर पंडा ने कहा कि शिक्षा का जीवन में सदुपयोग जरूरी है। यह लम्हा एक यादगार पल होगा। उन्होंने कार्यक्षेत्र को कारागृह न बनाने, कल के कार्य को आज निपटाने तथा आलस्य से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साल 1996 में पांच बच्चों के साथ स्कूल की शुरुआत की गई, पर अब यह संख्या बढ़ कर पांच हजार तक पहुंच गयी। अब यहां पीजी से लेकर यूजी व पीएचडी तक की पढ़ाई होती है। उन्होंने कुलाधिपति मदन मोहन सिंह को मौजूदा दौर का पंडित मदन मोहन मालवीय बताया।
यूनिवर्सिटी के कुलसचिव नागेंद्र सिंह ने पासआउट व डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों को ईमानदारी व समर्पण भाव से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि पासआउट छात्र आज डिग्री हासिल कर एक नये जीवन की शुरुआत करने जा रहे हैं, इसके बावजूद यूनिवर्सिटी आजीवन उनके सहयोग के लिए हमेशा तैयार रहेगी। इससे पहले दीप प्रज्जवलित कर समारोह की शुरुआत की गई। यूनिवर्सिटी की मास कम्यूनिकेशन विभागाध्यक्ष प्रो दीपिका सिंह ने स्वागत भाषण व समारोह का संचालन किया। समारोह में यूनिवर्सिटी के सभी पदाधिकारी, संकायाध्यक्ष, हेड, शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद थे।
गोल्ड मेडल पाने वाले छात्र
एमबीए-मो जीशान अहमद, बीबीए-लवली लूथरा, बीसीए-अंकिता शर्मा, बीएचएम-परमजीत कौर, एमएससी मैथ-सुशील कुमार सिंह, एमएससी जूलॉजी-सोमिका वर्मा, बीएससी (एच) फिजिक्स-विपुल कुमार पांडेय, बीएससी (एच) जूलॉजी-सौरज्योति बनर्जी, बीकॉम (एच)-सुनंदा कुमारी शर्मा, बीए (एच) इंग्लिश-जोहा फातमा, बीए (एच) पॉलिटिकल साइंस-ऋतिका सचदेव, डी फर्मा-हुस्न बानो, डी फर्मा-संजीव कुमार अंसारी, बीएड-मुकेश कुमार महतो, एलएलबी-उमैद इम्तियाज, मास कॉम-चंद्र दीप कुमार, डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग (सीएसई)-रुकैया राशिद, डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग (ईईई)-मणिकांत हर्ष, डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग (एमई)-गौरव कुमार रजक, एमकॉम-रश्मि कुमारी, एमए इन एजुकेशन-निहारिका।
सिल्वर मेडलिस्ट
एमबीए-आकांक्षा गुप्ता, बीबीए-आयुष दीप, एमएससी बॉटनी-जगन्नमयी सिन्हा, एमएससी मैथ-सौरव, बीएससी (एच) जूलॉजी-हस्साना बिलाल, बीकॉम (एच)-अंजलि सिंह, बीए (एच) इंग्लिश-रितुपर्णा बोस, बीए (एच) पॉलिटिकल साइंस-मनमोहन सिंह भाटिया, डी फर्मा-रवि कुमार प्रमाणिक, डी फर्मा-काजल कुमारी, बीएड-बुशरा फिरदौस, एलएलबी-जयशंकर प्रसाद गुप्ता, मास कॉम-ऋतिका कुमारी, डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग (सीएसई)-शिवांगी सिंह, डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग (ईईई)-अभय कुमार शर्मा, डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग (एमई)-आलोक कुमार मिश्रा।
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